जब कौमा और स्पेलिंग की ग़लतियों से हुए करोड़ों के नुकसान

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जब भी हम कुछ लिखते हैं तो अक्सर छोटी-छोटी ग़लतियां जैसे कौमा, पूर्णविराम, स्पेलिंग की ग़लती कर देते हैं.

ये ग़लतियां दिखने में भले ही छोटी लगें, लेकिन क्या आप सोच सकते हैं इनकी वजह से किसी को करोड़ों रुपयों का नुकसान हो सकता है.

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जानिए ऐसे मामले जब लेखनी में हुई छोटी सी ग़लतियों ने करोड़ों का नुकसान करवायाः

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गलत जगह लगाया कौमा

अमरीका की बड़ी एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने वायु सेना के लिए हर्क्यूलिस विमान बनाने का एक समझौता हस्ताक्षर किया. इस योजना में कई साल लगने थे. इसलिए साल 1999 में जब यह समझौता हुआ तो उसमें लिखा गया कि समय के साथ एयरप्लेनों की क़ीमत में इज़ाफा हो सकता है.

ग़लती से उस समय एयरोप्लेन की जो क़ीमत लिखी गई उसमें एक दशमलव से पहले कौमा लगा दिया गया. उस समय कॉन्ट्रैक्ट की पूरी लागत नहीं लिखी गई.

बाद में लॉकहीड कंपनी के एग्जिक्यूटिव ने बताया कि इस एक कौमा के ग़लत जगह लगने की वजह से कंपनी को 7 करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा.

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बिजनेस में शब्दों की हेरा-फेरी

दिसंबर 2005 में जापान की एक स्टॉक मार्केट कंपनी को टाइपिंग ग़लती की वजह से बहुत बड़ा नुकसान सहना पड़ा. जे-कॉम नामक कंपनी के शेयर उस वक्त अचानक गिर गए जब मिज़ुहो सिक्योरिटी के एक ब्रोकर ने प्रति येन के हिसाब से 6 लाख 10 हजार शेयर बेचने शुरू कर दिए.

दरअसल उस ब्रोकर को एक शेयर 6 लाख 10 हजार येन में बेचना था. शब्दों के इस हेर-फेर की वजह से मिज़ुहो को लगभग 33 करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा.

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'S' ने छुड़वाई बहुत सी नौकरियां

ब्रिटेन में जो भी कंपनी शुरू होती है उसे पहले डिपार्टमेंट ऑफ एंटरप्राइस, एनर्जी और इंडस्ट्रायल स्ट्रेटर्जी (BEIS) में अपना नाम दर्ज करवाना होता है. इसी तरह यदि कोई कंपनी बंद होना चाहती है तो पहले उसे BEIS को सूचित करना होता है.

साल 2009 में एक कंपनी 'टेलर एंड सन्स' ने अपना काम बंद करने की सूचना इस विभाग को मिली. लेकिन असल में जो कंपनी काम बंद कर रही थी वह थी 'टेलर एंड सन'.

1875 से चली आ रही टेलर एंड सन्स कंपनी में एक अक्षर की छोटी सी ग़लती की वजह से 250 कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा.

इस कंपनी के पूर्व सह-मालिक फिलिप डेविसन सर्बी ने अपने नुकसान की भरपाई के लिए 80 लाख पाउंड का हर्जाना मांगा.

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बीयर का नाम ग़लत दिख दिया

बीयर के शौकीनों के लिए 'Ale Arctic of Allsopp' जाना पहचाना नाम है. साल 2007 में एक आदमी ने इस बीयर की 155 बोतलें ई-बे कंपनी पर बेचने के लिए डाली.

उन्हें लगा कि बीयर की इस ख़ास किस्म को खरीदने के लिए ख़रीददारों की लाइन लग जाएगी. लेकिन उनके पास सिर्फ दो ही ख़रीददार आए.

दरअसल इस शख्स ने बियर के नाम में "Allsopp" की जगह "Allsop" लिख दिया था. इस वजह से लोगों को लगा कि यह कोई दूसरी बीयर है. यह बीयल कलेक्शन महज 308 डॉलर में बिक गया.

दो महीने बाद जिस व्यक्ति ने यह बियर क्लैक्शन खरीदा था उसने इसे सही नाम के साथ दोबारा ई-बे पर बेचने के लिए रखा तो उसके पास 150 खरीददार आ गए और तब यह बियर 5 लाख डॉलर में बिका.

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ग़लती से बिक गए सस्ते टिकट

क्या आप टोरंटो, कनाडा और साइप्रस की यात्रा बिजनेस क्लास से करना चाहते हैं और वह भी महज 39 डॉलर में?

जी हां सपने जैसा दिखने वाला टिकट का यह रेट साल 2006 में इटली की एयरलाइन एलिटालिया ने रख दिया था. दरअसल इस एयरलाइन कंपनी ने टिकट का दाम 3,900 डॉलर लिखने की जगह सिर्फ़ 39 डॉलर लिख दिया.

जब तक कंपनी अपनी इस भूल को सुधारती तब तक करीब 2000 यात्रियों ने अपने टिकट बुक कर लिए. और कंपनी ने जब ये टिकट कैंसिल करने की बात कही तो उसे यात्रियों के ग़ुस्से का सामना करना पड़ा.

बाद में कंपनी ने अपनी प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए इसी क़ीमत पर जितने भी टिकट बुक हुए उन्हें यात्रा करवाने का फैसला लिया. इस ग़लती की वजह से एलिटालिया कंपनी को 70 लाख डॉलर से ज़्यादा का नुकसान उठाना पड़ा.

ख़ास बातें लेकिन common errors

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