हमला हुआ तो कोई भी हमसे धैर्य की उम्मीद न करे: पाकिस्तान

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Image caption पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़्वाज़ा मोहम्मद आसिफ़

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख़्वाज़ा मोहम्मद आसिफ़ ने भारत को चेतावनी दी है कि अगर उसने पाकिस्तान के अंदर सर्जिकल स्ट्राइक की या उसके परमाणु संस्थानों पर कोई हमला किया तो कोई भी पाकिस्तान से धैर्य की उम्मीद न रखे.

अमरीकी दौरे पर गए ख़्वाज़ा आसिफ़ वॉशिंगटन में एक थिंक टैंक इंस्टिट्यूट ऑफ़ पीस में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे.

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Image caption पाकिस्तान और अमरीका के विदेश मंत्री ख़्वाज़ा मोहम्मद आसिफ़ और रेक्स टिलरसन

अमरीकी दौरे पर हैं ख़्वाज़ा आसिफ़

पाकिस्तानी विदेश मंत्री भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ़ मार्शल बिरेंदर सिंह धनोआ के उस बयान का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय वायु सेना के पास पाकिस्तान के अंदर परमाणु और अन्य ठिकानों को ढूंढकर उन्हें तबाह करने की क्षमता है.

ख़्वाज़ा आसिफ़ के इस अमरीकी दौरे का मक़सद है कि अमरीका और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में आए तनाव को दूर किया जा सके.

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Image caption अमरीका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन

आईएसआई के चरमपंथी गुटों से संबंध

इसी सिलसिले में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने अमरीका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एच आर मैक्मास्टर से मुलाक़ात भी की.

उधर, अमरीकी सेना के ज्वाइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ के चेयरमैन जनरल जोसेफ़ डन्फ़र्ड ने पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी आईएसआई के बारे में कहा है कि चरमपंथी गुटों से उसके संबंध हैं.

जनरल जोसेफ़ डन्फ़र्ड ने मंगलवार को अमरीकी सीनेट की सैन्य मामलों की समिति के समक्ष एक सेनेटर के सवाल का जवाब देते हुए कहा, "मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि आईएसआई के चरमपंथी गुटों के साथ संबंध हैं."

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Image caption अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस

आतंकी गुटों को पनाह दे रहा पाकिस्तान

अमरीका का कहना है कि पाकिस्तान आतंकी गुटों को अब भी पनाह दे रहा है.

अमरीकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की समिति के समक्ष सवालों के जवाब में अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने भी पाकिस्तान द्वारा आतंकियों को समर्थन के मुद्दे पर चेतावनी दी.

मैटिस ने अफ़गानिस्तान में सक्रिय आतंकी गुटों को पाकिस्तान द्वारा समर्थन दिए जाने के बारे में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की नई नीति के तहत पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सख़्त कदम उठाए जाने का भी ज़िक्र किया.

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Image caption एयर चीफ़ मार्शल बिरेंदर सिंह धनोआ

पाकिस्तान को एक आख़िरी मौक़ा

जेम्स मैटिस ने पाकिस्तान को आख़िरी मौक़ा देने की बात की जिससे वह अफ़गानिस्तान में आतंकियों को समर्थन देना रोके और अमरीका और अन्य देशों के साथ मिलकर शांति के लिए काम करे.

जेम्स मैटिस ने प्रतिनिधि सभा में कहा, "यह ज़रूरी है कि हम पाकिस्तान को साथ मिलकर काम करने का एक और मौक़ा दे दें. अगर इसके बावजूद हम कामयाब नहीं हुए तो राष्ट्रपति ट्रंप हर ज़रूरी क़दम उठाने के लिए तैयार हैं."

जेम्स मैटिस ने कहा कि अगर पाकिस्तान साथ देगा तो फ़ायदे में रहेगा और साथ नहीं देने की स्थिति में उसे उसका खामियाज़ा भी भुगतना पड़ेगा.

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Image caption अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप

ट्रंप ने दी थी चेतावनी

अगस्त महीने में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दक्षिण एशिया के बारे में अपनी नई नीति पर कहा था कि पाकिस्तान को आतंकियों की पनाहगाहें बंद करनी होंगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि अब इस मामले में अमरीका और खामोश नहीं रह सकता.

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अगर ऐसा न हुआ तो पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सख़्त कदम उठाए जा सकते हैं.

इस बयान के बाद से अमरीका और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया.

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Image caption हाफ़िज़ सईद और ख़्वाज़ा आसिफ़

आतंकी गुट पाकिस्तान पर बोझ

भारत भी लगातार यह मांग करता रहा है कि पाकिस्तान में आतंकियों के अड्डे ख़त्म किए जाएं और हाफ़िज़ सईद जैसे मुंबई हमलों के ज़िम्मेदार आतंकियों को सज़ा दी जाए.

इस सिलसिले में गुरुवार को वॉशिंगटन में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख़्वाज़ा आसिफ़ ने अपना पहले का बयान दोहराते हुए कहा कि ऐसे गुट पाकिस्तान पर बोझ हैं.

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, "हम इस बोझ से एक रात में तो पीछा नहीं छुड़ा सकते क्योंकि वह यहां बहुत लंबे समय से हैं. हमें उनसे यह कहने के लिए समय की दरकार है कि वह अपना बोरिया बिस्तर समेट लें."

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Image caption पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख़्वाज़ा मोहम्मद आसिफ़

आतंकियों के ख़िलाफ़ सख़्ती नहीं

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने यह भी माना कि 2014 तक पाकिस्तान ने आतंकियों के ख़िलाफ़ सख़्ती नहीं की क्योंकि उसे अमरीका पर यक़ीन नहीं था कि वह अफ़गानिस्तान में युद्ध जीतने के बाद क्या करेगा.

ख़्वाज़ा आसिफ़ का कहना था कि 2014 के बाद पाकिस्तान ने दहशतगर्दों का ख़ात्मा किया और उन्हें जड़ से उखाड़ फेंका.

अमरीका के साथ रिश्तों में तनाव की बात मानते हुए उनका कहना था कि पाकिस्तान अमरीका के साथ मिलकर आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रखना चाहता है.

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