सऊदी अरब में अब दिखेगा सिनेमा

अरबी फिल्म का पोस्टर इमेज कॉपीरइट Getty Images

सऊदी अरब ने घोषणा की है कि वह देश में व्यावसायिक सिनेमाघरों पर तीन दशकों से लगे प्रतिबंध को हटा देगा.

संस्कृति और सूचना मंत्रालय ने कहा है कि वह तत्काल सिनेमाघरों को लाइसेंस जारी करना शुरू कर देगा और पहला सिनेमाघर मार्च 2018 तक शुरू होने की उम्मीद है.

ये फ़ैसला सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विज़न 2030 कार्यक्रम का हिस्सा है.

क्राउन प्रिंस ने पिछले दिनों ऐसे कई फ़ैसले लिए हैं, जिनमें महिलाओं को कार चलाने की अनुमति देना भी शामिल है.

इमेज कॉपीरइट AFP

मौलवी और मजहब का हवाला

1970 के दशक में रूढ़िवादी मुस्लिम देश सऊदी अरब में सिनेमाघर हुआ करते थे. लेकिन मौलवियों ने मजहब का हवाला देते हुए वहां के अधिकारियों को इन्हें बंद करने के लिए राजी कर लिया था.

इस साल जनवरी में ग्रैंड मुफ्ती शेख़ अब्दुल अज़ीज़ अल अल-शेख़ ने कथित तौर पर सिनेमाघरों चेतावनी दी थी कि अगर सिनेमाघरों को शुरू करने की अनुमति दी गई तो वे समाज के नैतिक मूल्यों को बिगाड़ देंगे.

सऊदी अरब सुन्नी प्रभुत्व वाला है और यहाँ का शाही परिवार वहाबी सिद्धांतों को मानता है.

सुन्नी ख़ुद को इस्लाम की सबसे धर्मनिष्ठ और पारंपरिक शाखा से मानते हैं. सुन्नी शब्द 'अहल अल-सुन्ना' से बना है जिसका मतलब है परम्परा को मानने वाले लोग.

मंत्रालय ने कहा है कि इस कदम से सिनेमा उद्योग को करीब सवा तीन करोड़ की आबादी वाले घरेलू बाज़ार का लाभ मिलेगा और उम्मीद जताई जा रही है कि साल 2030 तक 300 सिनेमाघरों मे 2000 से अधिक स्क्रीन शुरू हो जाएंगी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे