पाकिस्तान के मानसेहरा में दाढ़ी बनाने वाले हज्जामों को चेतावनी

दाढ़ी बनाता हज्जाम इमेज कॉपीरइट AFP

पाकिस्तान के मानसेहरा ज़िले में हज्जामों को चेतावनी दी गई है कि वे किसी की दाढ़ी न बनाएं क्योंकि यह इस्लाम के ख़िलाफ़ है.

ख़ैबर प्रांत के इस ज़िले में दाढ़ी को ट्रिम करने (छोटा करने) या किसी ग़ैर-इस्लामिक कट में काटने की भी मनाही है. ये चेतावनी इंटरनेशनल ख़त्म-ए-नाबूवत मूवमेंट (आईकेएनएम) ने जारी की है.

इस गुट ने पैम्फलेट के ज़रिए हज्जामों को ताक़ीद की है कि वे फ़्रेंच कट, एल कट जैसे स्टाइल न बनाएं क्योंकि इस तरीक़े से दाढ़ी का 'अपमान करना' ग़ैर इस्लामिक है.

'फ़ैंसी कट' से डरने लगे हैं हज्जाम

पैम्फलेट में कहा गया है कि अगर किसी भी हज्जाम ने इसकी अनदेखी की तो 15 दिन के नोटिस पर उससे दुकान खाली करा ली जाएगी.

बताया जाता है कि पिछले महीने इसी सिलसिले में एक हज्जाम की दुकान पर भीड़ ने हमला कर दिया था.

भीड़ ने दुकान के शीशे तोड़ दिए, जिसके बाद हज्जाम को आईकेएनएम के स्थानीय कार्यकर्ताओं से मिलकर मामला सुलटाना पड़ा.

इसी का नतीजा है कि इलाक़े के ज़्यादातर हज्जामों ने दाढ़ी के 'फ़ैंसी कट' बंद कर दिए हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

'बेहद बुरा काम है दाढ़ी न रखना'

उर्दू ज़बान में छपे इस पैम्फ़लेट में लिखा है कि 'दाढ़ी न रखना बुरे से भी बुरा काम है.' पैम्फ़लेट के मुताबिक़ 'ये ख़ुद पैगंबर मोहम्मद का आदेश है.'

इलाक़े के एक हज्जाम ने नाम न छापने की शर्त पर बीबीसी को बताया कि 'जवान लोग अभी भी आते हैं लेकिन हज्जाम कोई भी कट बनाने से मना कर देते हैं.'

वहीं ज़िले के पुलिस अधिकारी शहज़ाद नदीम बुख़ारी ने बीबीसी से कहा कि 'ये सारी बातें निराधार हैं और उन्हें ऐसे किसी घटना की जानकारी नहीं है.'

यह बताने पर कि मीडिया को इस बारे में जानकारी इलाक़े के लोगों से ही मिली है, शहज़ाद बुख़ारी ने कहा कि 'ऐसा कुछ नहीं है और यहां कोई कुछ नहीं कर सकता.'

इमेज कॉपीरइट AAMIR QURESHI/AFP/Getty Images

'नहीं माने नाई तो बम से उड़ा दी दुकान'

मानसेहरा ज़िले को वैसे तो सुरक्षित माना जाता है लेकिन पूरे ख़ैबर प्रांत के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता. बीते एक दशक में यहां अतिवाद की कई घटनाएं हुई हैं.

पीटीआई में छपी एक ख़बर के मुताबिक़, उत्तर पश्चिम पाकिस्तान में दाढ़ी बनाने पर कुछ दुकानों को बम से उड़ा दिया गया था.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे