ईशनिंदा के आरोप में ईसाई लड़का गिरफ्तार

Image caption जानकारों का मानना है कि ईशनिंदा कानून का इस्तेमाल अक्सर आपसी रंजिश के मामलों में किया जाता है.

पाकिस्तान में 16 वर्षीय ईसाई लड़के को ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया हैं.

कराची में रहनेवाले इस लड़के, रयान स्टैनटेन, पर मंगलवार को कथित रूप से अपने फोन से आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप है.

पुलिस के मुताबिक लड़के ने ये संदेश पढ़े बगैर ही अपने पड़ोसियों को भेज दिया.

जानकारी के मुताबिक संदेश भेजे जाने के बाद लड़के को स्थानीय धार्मिक नेताओं के पास भेजा गया.

बुधवार को गुस्साई भीड़ ने लड़के के घर पर हमला कर दिया और उनके सामान को आग लगा दी.

पाकिस्तान के ईशनिंदा कानूनों के कड़े होने और ग़लत इस्तेमाल होने के चलते उनकी बहुत आलोचना होती रही है.

ईशनिंदा कानून के विरोध पर हत्या

इसी साल अगस्त में कुरान की प्रति जलाने के आरोप में एक ईसाई लड़की के गिरफ्तार होने के बाद से ईशनिंदा कानूनों पर दोबारा बहस छिड़ गई है.

जिसके बाद इस 14 वर्षीय बच्ची को ज़मानत पर रिहा कर दिया गया. ईशनिंदा कानून के उल्लंघन के मामलों में ऐसा बहुत कम ही होता है.

इससे पहले भी ईशनिंदा के आरोप लगाए जाने के बाद लोगों की गुस्साई भीड़ के द्वारा मारपीट और हत्या के मामले सामने आए हैं.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान को ईशनिंदा कानून में सुधार करने की मांग की है. मौजूदा कानून के तहत दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को उम्रक़ैद या मौत की सज़ा दी जा सकती है.

मार्च 2011 में जब अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री शाहबाज़ भट्टी ने इस कानून को खत्म किए जाने की मांग उठाई तो उनकी हत्या कर दी गई थी.

उससे दो महीने पहले पंजाब प्रांत के गवर्नर सलमान तासीर की भी इस कानून के खिलाफ आवाज़ उठाने पर हत्या कर दी गई थी.

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