मलाला सहारे से खड़ी हुईं, लिखकर बातें कीं

 शुक्रवार, 19 अक्तूबर, 2012 को 18:05 IST तक के समाचार
मलाला युसुफजई (फाइल)

मलाला युसुफजइ तालिबान की गोली से ज़ख़्मी हुई थीं.

ब्रिटेन में क्लिक करें मलाला युसुफजई का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि उनकी हालत में अच्छा सुधार हो रहा है.

डॉक्टरों के मुताबिक 15 साल की मलाला मदद से खड़ी हो पा रही हैं और कुछ लाइनें लिखकर अपनी बात कह पा रही हैं.

पाकिस्तान के स्वात में क्लिक करें तालिबान की गोली का शिकार हुई मलाला युसुफ़ज़ई को इलाज को लिए ब्रिटेन लाया गया था.

मलाला का इलाज बर्मिंघम के क्वीन एलिज़ाबेथ अस्पताल में किया जा रहा है जिसे लड़ाई में जख्मी हुए सैनिकों के इलाज में विशेषज्ञता हासिल है.

अस्पताल के निदेशक डॉक्टर रोसर ने कहा कि मलाला को गोली लगने के कारण संक्रमण हो गया है और ये चिंता का सबसे बड़ा कारण है.

उन्होंने कहा, “मलाला खुश हैं और वो चाहती हैं कि हम उनकी हालत के बारे में आपसे जानकारी बाँटें. वो आराम से लिखकर अपनी बात कह रही हैं.”

लेकिन उन्होंने दोहराया कि खतरा पूरी तरह टला नहीं है.

तंत्रिका-संबंधी इलाज

मलाला के कपाल की जो हड्डियां टूट गई हैं उन्हें यहां ठीक किया जाएगा. साथ ही उन्हें तंत्रिका संबंधी इलाज की भी ज़रूरत पड़ेगी.

ब्रिटेन भेजे जाने से पहले उनका इलाज रावलपिंडी के एक अस्पताल में चल रहा था.

पीटीवी के अनुसार फ़ौज के बयान में कहा गया है कि मलाला के इलाज का तमाम ख़र्च क्लिक करें पाकिस्तान की सरकार देगी.

महिलाओं पर तालिबान के आदेशों का मलाला हमेशा विरोध करती रही थीं. इसलिए जब उन्हें कुछ दिनों पहले गोली मारी गई तो ये समझा गया था कि ये काम तालिबान का है.

मलाला ने तालिबान शासन में अत्याचारों की बात कही थी जो तालिबान को पसंद नहीं आई थी.

पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ़्तार भी किया है. तालिबान ने कहा है कि वो मलाला को फिर से निशाना बनाएंगे.

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