मस्जिद पर आत्मघाती हमले में 41 की मौत

 शुक्रवार, 26 अक्तूबर, 2012 को 15:34 IST तक के समाचार
फ़ारयाब, अफ़ग़ानिस्तान

अफ़ग़ानिस्तान में ईद की नमाज़ के दौरान धमाका

अधिकारियों का कहना है कि उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान में एक मस्जिद के बाहर हुए आत्मघाती बम हमले में कम से कम 41 लोग मारे गए हैं.

हमले की ये घटना फ़ारयाब प्रांत की राजधानी मायमना की है जहां धमाका उस वक़्त हुआ जब लोग ईद की नमाज़ अदा करने के लिए जुटे थे. हमले में कम से कम 50 लोग घायल भी हुए हैं.

मस्जिद में ये हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईद के अवसर पर राष्ट्र के नाम अपने संदेश में अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने तालिबान से हिंसा छोड़कर मुख्य धारा में शामिल होने की अपील की.

हामिद करज़ई का कहना था, ''मैं तालिबान और सरकार के दूसरे विरोधियों से अपने ही देश की बर्बादी, अपने ही लोगों की हत्या, मस्जिद, अस्पताल और स्कूल को नुक़सान पहुंचाने की कारर्वाई को रोकने की अपील करता हूं. मैं उनसे विदेशियों की मदद बंद करने का आग्रह करता हूं. आप जो भी पद चाहते हैं, आप चुनाव में हिस्सा लें और लोगों का विश्वास जीत कर उसे हासिल करलें.''

"मैं तालिबान और सरकार के दूसरे विरोधियों से अपने ही देश की बर्बादी, अपने ही लोगों की हत्या, मस्जिद, अस्पताल और स्कूल को नुक़सान पहुंचाने की कारर्वाई को रोकने की अपील करता हूं. मैं उन्हें विदेशियों की मदद बंद करने का आग्रह करता हूं. आप जो भी पद चाहते हैं, आप चुनाव में हिस्सा लें और लोगों का विश्वास जीत कर उसे हासिल करलें."

हामिद करज़ई, अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति

हमले के प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही ईद की नमाज़ ख़त्म हुई, आत्मघाती हमलावर ने मस्जिद के पास पहुंचकर ख़ुद को धमाके से उड़ा दिया.

प्रांतीय सरकार के कई वरिष्ठ नागरिक और पुलिस अधिकारी भी नमाज़ पढ़ रहे थे लेकिन किसी वरिष्ठ अधिकारी को किसी भारी नुक़सान की कोई ख़बर नहीं है.

मारे जाने वालों में ज़्यादातर आम नागरिक और कुछ पुलिसकर्मी शामिल हैं.

प्रांत के डिप्टी गवर्नर अब्दुल सत्तार बारेज़ ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को हमले की जानकारी देते हुए कहा, ''हमलोगों ने नमाज़ पूरी की थी और एक दूसरे को ईद की बधाई दे रहे थे तभी एक बड़ा धमाका हुआ और पूरा इलाक़ा धुंए से भर गया और हर तरफ़ लोगों के शरीर के हिस्से बिखरे पड़े थे. प्रांतीय पुलिस प्रमुख अब्दुल ख़ालिक़ अक़्साई भी घायल हुए हैं, लेकिन अभी ये नहीं कहा जा सकता है कि उन्हें निशाना बनाया गया था.''

सुरक्षा में भारी चूक

"हमलोगों ने नमाज़ पूरी की थी और एक दूसरे को ईद की बधाई दे रहे थे तभी एक बड़ा धमाका हुआ और पूरा इलाक़ा धुंए से भर गया और हर तरफ़ लोगों के शरीर के हिस्से बिखरे पड़े थे. प्रांतीय पुलिस प्रमुख अब्दुल ख़ालिक़ अक़्साई भी घायल हुए हैं, लेकिन अभी ये नहीं कहा जा सकता है कि उन्हें निशाना बनाया गया था."

अब्दुल सत्तार बारेज़, फ़ारयाब प्रांत के डिप्टी गवर्नर

बीबीसी के काबुल संवाददाता बिलाल सरवरी का कहना है कि मस्जिद के आस-पास सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम थे और ये सवाल उठना लाज़िमी हैं कि हमलावर चार सुरक्षा-चौकियों को पार करके मस्जिद तक आख़िर कैसे पहुंचा.

प्रांत के डिप्टी गवर्नर के अनुसार हमलावर पुलिस की वर्दी में आया था और शायद इसीलिए उसे उस जगह तक पहुंचने में आसानी हुई थी.

उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान में इस तरह के हमले आमतौर पर कम होते हैं और फ़ारयाब प्रांत को अपेक्षाकृत शांत माना जाता रहा है.

लेकिन बीबीसी संवाददाता के अनुसार हाल के दिनों में मायमना में कई हत्याएं हुई हैं. तालिबान के एक वरिष्ठ कमांडर पाला बदल कर सरकार के समर्थन में आ गए थे लेकिन कुछ ही दिनों पहले उनकी और उनके पुत्र की हत्या कर दी गई थी.

इसके अलावा सरकार को समर्थन देने वाले कई प्रमुख क़बायली नेता भी मारे गए हैं.

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