हाफिज सईद ने की अमरीका को मदद की पेशकश

 मंगलवार, 30 अक्तूबर, 2012 को 21:00 IST तक के समाचार

अमरीका की मदद करना चाहता है हाफिज सईद

अमरीका ने उन पर एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा है, उसी व्यक्ति ने तूफ़ान सैंडी से प्रभावित अमरीका को सहायता की पेशकश की है.

वर्ष 2008 के मुंबई हमले के अभियुक्त हाफिज मुहम्मद सईद ने अमरीका में आए तूफ़ान के बाद मदद की पेशकश की है.

सैंडी तूफान ने न्यूयॉर्क समेत अमरीका के कई राज्यों में भारी तबाही मचाई है.

हाफिज मुहम्मद सईद प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैबा के संस्थापक हैं और जमात उद दावा के मुखिया भी.

एक बयान जारी करके हाफिज सईद ने जमात उद दावा की तरफ से मदद की पेशकश की है. सईद ने कहा है कि तूफान और बाढ़ से पीड़ित अमरीकी लोगों की वो हर तरह से मदद करना चाहते हैं.

हर तरह की मदद के लिए तैयार

"अमरीका हमारे लिए भले कोई भी राय रखता हो, भले ही हमारे सिर पर ईनाम रखा हो, लेकिन पैगंबर मुहम्मद साहब के अनुयायी होने के नाते इस मुश्किल वक्त में हम अमरीका की मदद करना अपना धर्म समझते हैं."

हाफिज मुहम्मद सईद

हाफिज सईद ने कहा है कि अगर अमरीकी सरकार इजाजत दे तो जमात उद दावा अपने स्वयंसेवकों और डॉक्टरों समेत भोजन, दवाइयां और दूसरी वस्तुएं अमरीका भेज सकता है.

सईद का कहना है, “अमरीका हमारे लिए भले कोई भी राय रखता हो, भले ही हमारे सिर पर इनाम रखा हो, लेकिन पैगंबर मुहम्मद साहब के अनुयायी होने के नाते इस मुश्किल वक्त में हम अमरीका की मदद करना अपना धर्म समझते हैं.”

2008 में मुंबई पर हुए हमले में भारत हाफिज मोहम्मद सईद को प्रमुख संदिग्ध मानता है . इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी.

हालांकि, जमात उद दावा हमेशा ही इस आरोप को खारिज करता रहा है.

पाकिस्तान में ये संस्था राहत कार्यों के लिए जानी जाती है, जिसने 2005 में कश्मीर में भूकंप और 2010 की बाढ़ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

मुंबई हमले के बाद हाफिज सईद को घर में नजरबंद कर दिया गया था लेकिन 2009 में छोड़ दिया गया क्योंकि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट को उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले.

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