अमरीका में गर्भपात है एक सियासी मुद्दा

 गुरुवार, 1 नवंबर, 2012 को 11:45 IST तक के समाचार

गर्भपात एक ऐसा मुद्दा है जो हर चुनाव में सिर उठाता है

अमरीका एक आधुनिक देश तो है ही साथ ही ये एक बहुत धार्मिक देश भी है. यहां हर साल 5000 नए गिरजाघर बनते हैं और धर्मिक मुद्दे बहुत भावुक होते हैं.

गर्भपात यहां एक ऐसा शब्द है जिसके बारे में सार्वजनिक तौर पर विवाद पैदा किए बिना नहीं बोला जा सकता.

इस मुद्दे ने अमरीकी समाज और राजनीति को कई दशकों से दो खेमों में बांट रखा है. डेमोक्रेटिक पार्टी वाले लगभग सभी राज्य गर्भपात के हक में हैं जबकि रिपब्लिकन पार्टी वाले राज्य इसके खिलाफ हैं.

राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हो या सीनेट के लिए, ये मुद्दा हर चुनाव में अपना सिर ज़रूर उठता है. ये एक बड़ा और हमेशा जिंदा रहने वाला सियासी मुद्दा है

गर्भपात के खिलाफ

दो दिन पहले हम लोग मेरीलैंड राज्य में थे जहां गर्भपात की इजाज़त है.

गर्भपात के खिलाफ लड़ने वाले दो सामाजिक कार्यकर्ता ठंड और तेज़ हवा की परवाह न करते हुए गर्भपात के एक निजी क्लिनिक के सामने पोस्टर और बैनर लिए खड़े थे.

मैं उस इलाके में दिन भर था और जब मैं वहां से लौट रहा था तब भी वो वहां खड़े थे. वो क्लिनिक बंद करने की मांग कर रहे थे.

मैंने उन से पूछा आपकी बात कोई सुन रहा है? आप एक ऐसे राज्य में गर्भपात के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं जहां ये जायज़ है.

दोनों ने कहा किसी को गर्भ में जिंदा बच्चे को मारने की इजाज़त नहीं मिलनी चाहिए.

इनका कहना था, ''गर्भपात का क़ानून और प्रशासन से कोई संबंध नहीं है. हमारे धर्म के अनुसार गर्भ में बच्चे की जान लेना हत्या के बराबर है इसलिए हम इस क्लिनिक के बंद करने की मांग कर रहे हैं.''

अमरीका में गर्भवती महिला गर्भ के 12 सप्ताह पूरे हो जाने से पहले गर्भपात करवा सकती हैं. जो इसका विरोध करते हैं वो कहते हैं की गर्भपात धर्म के खिलाफ है. ऐसे लोगों को प्रो-लाईफ कहते हैं.

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार मिट रोमनी का संबंध मॉरमॉन चर्च से है जो गर्भपात को हत्या कहता है.

महिला करे फैसला

डेमोक्रेटिक पार्टी गर्भपात के हक में हैं जबकि रिपब्लिकन पार्टी वाले राज्य इसके खिलाफ हैं.

बराक ओबामा और उनकी पार्टी का तर्क ये है की गर्भपात का फैसला औरत के हाथ में होना चाहिए. ऐसे लोगों को प्रो-चोयाइस कहते हैं.

अमरीका की 1776 में जब स्थापना हुई थी तो उस समय गर्भपात पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया था. लेकिन धीरे-धीरे इस पर पाबंदी लगाने की मांग जोर पकड़ने लगी.

कैथोलिक चर्च और रिपब्लिकन पार्टी ने इसमें एक अहम भूमिका निभाई. बीसवीं शताब्दी के शुरू होने के बाद अधिकतर राज्यों ने गर्भपात को ग़ैर-कानूनी करार दे दिया.

लेकिन 1950 और 1960 में ये पाया गया कि ग़ैर कानूनी गर्भपातों की संख्या 12 लाख सालाना है.

इसलिए कुछ राज्यों ने इसमें ढील देनी शुरू की और 1973 में गर्भपात को क़ानूनी दर्जा दे दिया गया लेकिन बाद में पहली तिमाही शुरू होने के बाद गर्भपात कराने पर प्रतिबंध लगा दिया गया.

अमरीका में ये एक बहुत संवेदनशील मामला है और इस पर खुल कर अपनी राय देना सिरदर्द मोल लेने जैसा है. हर बार की तरह इस चुनाव में भी ये कई घरेलु मुद्दों में से एक है.

इसे भी पढ़ें

टॉपिक

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.