इज़्ज़त के लिए माँ-बाप ने बेटी पर 'तेज़ाब फेंका'

पाकिस्तान
Image caption परिवार की इज्जत के लिए इन दोनों ने बेटी पर डाला तेजाब

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में नाबालिग लड़की अनुषा की तेजाब डाल कर हत्या करने के अभियुक्त मां-बाप ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा कि अपनी बेटी को सजा देने के लिए उन्होंने यह क़दम उठाया.

अनुषा के मां-पिता ने कहा कि उनकी बेटी की हरकत के कारण परिवार कलंकित हुआ और सबक सिखाने के लिए अनुषा पर तेजाब डाल कर मार डाला गया.

इन दोनों पति-पत्नी को पिछले हफ्ते पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में गिरफ्तार किया गया. 15 साल अनुषा साठ फीसदी जली हालत में मिली थी.

यह घटना दक्षिणी जिले कोटली के एक गांव में घटी थी.

अनुषा के पिता मोहम्द जफर ने बताया कि उन्होंने अपनी लड़की को एक लड़के की ओर देखने के कारण सजा दी गई जबकि मां ने कहा कि बेटी का उनके ही हाथों मरना लिखा था.

घटना

पाकिस्तान में ऐसे मामलों में सैंकड़ों परिवार और रिश्तेदार कई औरतों और लड़कियों को मार चुके हैं.

जफर ने बताया, “एक लड़का मोटरसाइकल पर आ रहा था, अनुषा ने दो बार उसकी तरफ मुड़ कर देखा. मैंने उसे ऐसा करने से मना किया. उससे मैंने कहा कि यह गलत है क्योंकि लोग हमारे बारे में बात करते हैं क्योंकि हमारी बड़ी बेटी भी ऐसा ही करती थी. ”

पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग के अनुसार पिछले साल परिवार की इज़्ज़त के नाम पर 943 महिलाओं को मार दिया गया. 2010 की तुलना इसमें 100 हत्याओं में इजाफा हुआ है.

हालांकि पाकिस्तान में इस तरह की घटनाएं कम ही होती हैं.

नाराज़गी

स्थानीय पुलिस अधिकारी राजा ताहिर अयूब ने बीबीसी को बताया कि अभियुक्त पिता अपनी बेटी को दो लड़कों की तरफ देखने के कारण काफी खफा हो गए थे.

पुलिस के अनुसार माता-पिता के शक था कि मोटरसाइकिल पर सवार एक लड़के के साथ उनकी बेटी के नाजायज संबंध थे.

अयूब ने बताया,“ पिता अपनी बेटी को अंदर लेकर आया और फिर अपनी पत्नी की मदद से उस पर तेजाब डाल दिया.”

पुलिस के अनुसार मां-बाप बेटी को अगली सुबह तक अस्पताल लेकर नहीं गए. अनुषा ने गुरुवार को दम तोड़ दिया था.

पुलिस को इस घटना की खबर अभियुक्त मां-बाप की बड़ी बेटी ने दी. क्योंकि माता-पिता ने उसे अपनी बहन का मुंह देखने नहीं दिया था. कश्मीरी मुस्लिम समाज में दफनाने से पहले मुंह देखना आम परंपरा है.

इस साल पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में तेजाब फेंकने को अपराध करार दिया था और इसमें उम्रकैद तक का प्रावधान रखा गया है.

संबंधित समाचार