अमरीका में कब-कब हुई कांटे की टक्कर?

बराक ओबामा और मिट रोमनी
Image caption सर्वेक्षणों से संकेत मिले हैं कि जिन प्रांतों में कांटे की टक्कर है वहाँ ओबामा कुछ आगे हैं.

अमरीकी इतिहास में कड़े मुकाबलों में से एक माने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के बराक ओबामा ने अपने प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन पार्टी के मिट रोमनी को हरा दिया है.

राष्ट्रपति ओबामा की भारी जीत से रिपब्लिकन पार्टी को गहरा झटका लगा है क्योंकि कहा जा रहा था कि मिट रोमनी, ओबामा को कड़ी चुनौती देंगे.

अमरीकी चुनावी नतीजों पर पल-पल का हाल

अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 538 इलेक्ट्रोरल मतों में से 270 मतों की जरूरत होती है और बराक ओबामा ने दोबारा बहुमत हासिल कर लिया है.

कुछ राज्यों पर रिपब्लिकन पार्टी का दबदबा रहा है और कुछ पर डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण है, लेकिन चंद राज्य ऐसे भी थे जहां के मतदाता के बारे में अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि वो किसे वोट देगा.

यही वो राज्य होते हैं जो अमरीका के अगले राष्ट्रपति का निर्धारण करते रहे हैं और ये पहली बार नहीं हुआ. पहले भी इस तरह के कांटे के मुकाबले होते रहे हैं.

वर्ष 1916: वुडरो विल्सन और चार्ल्स इवान्स हयूज्स

प्रथम विश्व युद्ध के समय डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति वुडरो विल्सन और रिपब्लिकन उम्मीदवार चार्ल्स इवान्स के बीच कांटे का मुकाबला हुआ था.

विल्सन ने अमरीकियों को युद्ध से दूर रखने और तटस्थ रहने का नारा दिया था जिसे लोगों ने बड़ा पसंद किया था.

कैलीफोर्निया के नतीज़ों ने विल्सन और इवान्स के भाग्य का फैसला किया था.

विल्सन ने महज 49.2 पॉपुलर वोट और 277 इलेक्ट्रॉरल कॉलेज के बूते अपना दूसरा कार्यकाल सुरक्षित किया था.

1960 : जॉन एफ कैनेडी और रिचर्ड निक्सन

Image caption जॉन एफ कैनेडी

डेमोक्रेट कैनेडी और रिपब्लिकन निक्सन के बीच भी तगड़ा मुकाबला हुआ था जिसमें आखिरकार कैनेडी की जीत हुई थी.

निक्सन ने तब उप-राष्ट्रपति रहते हुए सभी 50 राज्यों में जमकर चुनाव प्रचार किया था.

बीस राज्यों में दोनों उम्मीदवारों के बीच जीत का अंतर पांच प्रतिशत से भी कम था.

कई लोग मानते हैं कि तब दोनों उम्मीदवारों के बीच टीवी पर हुई पहली बहस निर्णायक साबित हुई थी जहां कैनेडी ने निक्सन के पसीने छुड़ा दिए थे.

कैनेडी को 49.7 प्रतिशत और निक्सन को 49.6 प्रतिशत वोट मिले थे.

1976 : जिमी कार्टर और जेरल्ड फोर्ड

वॉटरगेट कांड में निक्सन के त्यागपत्र के बाद रिपब्लिकन उप-राष्ट्रपति जेरल्ड फोर्ड ने कार्यभार संभाला, लेकिन निक्सन को माफ करने के फोर्ड के फैसले को नापंसद किया गया.

फोर्ड का मुकाबला जॉर्जिया के गवर्नर जिमी कार्टर से था जिनकी राष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा पहचान नहीं थी और वो खुद ये कहते हुए नजर आते थे कि हैलो, मैं जिमी कार्टर हूं और राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहा हूं.

टीवी पर डिबेट के दौरान फोर्ड ने कह दिया कि सोवियत यूनियन का पूर्वी यूरोप पर दबदबा नहीं है जिससे कुछ मतदाताओं को लगा कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय मामलों की ज्यादा समझ नहीं है.

नतीजा ये हुआ कि कार्टर को 50.1 प्रतिशत वोट मिले और फोर्ड 48 प्रतिशत मतों पर सिमटकर रह गए.

2000 : जॉर्ज डब्ल्यू बुश और अल गोर

Image caption जॉर्ज डब्ल्यू बुश

अमरीका में अब तक जितने राष्ट्रपति चुनाव हुए हैं, उनमें से ये सबसे कड़ा और सर्वाधिक विवादित मुकाबला साबित हुआ था.

डेमोक्रेट उपराष्ट्रपति अल गोर ने टेक्सास के गर्वनर और एक पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति के बेटे जॉर्ज डब्ल्यू बुश के खिलाफ चुनाव लड़ा था.

गोर को 48.38 प्रतिशत वोट मिले जबकि बुश को 47.87 प्रतिशत मतों से ही संतोष करना पड़ा.

लेकिन सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद फ्लोरिडा राज्य के मतों की गिनती दोबारा हुई और बुश जीत गए.

2004 : जॉर्ज डब्ल्यू बुश और जॉन कैरी

अल गोर के बाद जॉर्ज डब्ल्यू बुश को वर्ष 2004 में मैसाचुसै्टस से डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन कैरी से चुनौती मिली.

बुश के कार्यकाल की शुरुआत में ही 11 सितम्बर 2001 को अमरीका पर हमला हुआ और बुश ने राष्ट्रीय सुरक्षा को मुद्दा बनाकर चुनाव प्रचार किया.

बुश ने खुद को एक निर्णायक नेता और कैरी को फिसड्डी बताया. चुनाव से कुछ दिन पहले अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का संदेश सामने आया जिसमें उन्होंने हमले की जिम्मेदारी ली.

इससे बुश की दावेदारी को समर्थन मिला और उन्हें कैरी के 252 इलेक्टोरल वोटों की तुलना में 286 वोट मिले.

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