बाज़ी जीतना आता है ओबामा को

बराक ओबामा
Image caption ओबामा का जीत के बाद का भाषण जोश से भरा था.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा मिट रोमनी को पछाड़ कर दूसरे कार्यकाल के लिए चुन लिए गए हैं. चार साल पहले देश के पहले काले राष्ट्रपति ओबामा ने जीत के लिए 270 इलेक्टोरल वोट जीतकर इतिहास रच दिया है.

दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के बाद बराक ओबामा ने अपनी जीत के भाषण में कहा कि सर्वश्रेष्ठ आना अभी बाकी है.

विजय हासिल करने के बाद जोश से भरे भाषण में बराक ओबामा ने कहा कि वो देश की प्रगति के बारे में मिट रोमनी से भी बात करेंगे.

ओबामा ने कहा, “हम बात करके देखेंगे कि हम कैसे एक साथ काम करके देश को आगे बढ़ा सकते हैं.”

बराक ओबामा को ये जीत अमरीका के माली हालात पर अंसतोष और मिट रोमनी की कड़ी चुनौती के बावजूद मिली है. साथ ही उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट में अपना बहुमत बरक़रार रखा है जो पार्टी के पास साल 2007 से है.

लेकिन रिपब्लिकन पार्टी ने भी प्रतिनिधि सभा पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है.

जानकारों का मानना है कि इसकी वजह से पहले कार्यकाल की ही तरह इस बार भी ओबामा और प्रतिनिधि सभा के बीच कई क़ानूनों को पारित करने को लेकर गतिरोध बन सकता है.

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भाषण में ओबामा ने विरोधियों से उनके साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया.

‘एक देश’

अब तक आए नतीजों में बराक ओबामा को 303 इलेक्टोरल वोट हासिल हुए हैं जबकि मिट रोमनी को 206 वोट मिले हैं. अब सिर्फ़ फ़्लोरिडा राज्य के 29 मतों का नतीजा आना बाकी है.

अमरीका में हर राज्य में राष्ट्रपति के उम्मीदवार को मत डाले जाते हैं और उसके बाद जिसे बहुमत मिलता है उसके खाते में उस राज्य के सभी इलेक्टोरल वोट डाल दिए जाते हैं.

उधर कुल वोटों में दोनों उम्मीदवारों के बीच ख़ास अंतर नहीं है. कुल मतों की सिर्फ़ सांकेतिक और राजनीतिक अहमियत है क्योंकि अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में विजेता का फ़ैसला इलेक्टोरल कॉलेज के मतों से ही होता है.

ओबामा को कुल मतों का 50.3 प्रतिशत जबकि रोमनी को 48.1 फ़ीसदी मिला है.

जीत के बाद ओबामा का भाषण जोश से भरा और उनके चिर-परिचित अंदाज़ में था.

अपने समर्थकों के नारों के बीच ओबामा ने कहा, “हम अपने दिल की गहराइयों में जानते हैं कि अमरीका के लिए बेहतरीन वक्त आना अभी बाक़ी है. मैं पहले से कहीं अधिक प्रेरित और दृढ़संकल्प होकर भविष्य को संवारने के लिए व्हाइट हाउस में लौट रहा हूं. ”

और फिर उन्होंने अपने समर्थकों के शोर-शराबे के बीच ये जुमला कहा जिस पर लंबे समय तक तालियां गूंजती रहीं, “हम अमरीकी परिवार हैं. हमारा पतन और उदय एक ही राष्ट्र की तरह होगा.”

तस्वीरें देखें: जीत का जश्न

‘सियासत से पहले लोकहित’

उधर बॉस्टन में मिट रोमनी ने राष्ट्रपति को जीत पर बधाई दी और कहा कि उन्होंने चुनाव अभियान में अपनी पूरी ताकत झोंक दी.

मुसीबतों से जूझती अमरीकी अर्थव्यवस्था की ओर इशारा करते हुए रोमनी ने कहा कि अब विभाजक सियासी चालों को छोड़कर दो पार्टियों की कोशिश होनी चाहिए कि वो लोकहित को सर्वोपरि मानें.

मिट रोमनी ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि मैं इस देश को अलग ढंग से चलाने की आपकी उम्मीदें पर खरा उतरा होउंगा लेकिन अमरीका ने दूसरे नेता को चुना है. इसलिए मैं आपके साथ मिलकर ओबामा और इस देश के लिए प्रार्थना करता हूं. ”

अरबों का ख़र्च

ऐसा नहीं की रोमनी बुरी तरह हारे हों. उन्होंने पिछले चुनाव में ओबामा के साथ रहे नॉर्थ कैरोलाइना और इंडियाना राज्यों में जीत हासिल की.

Image caption हार के बाद रोमनी ने कहा कि अब दोनों दलों को सियासत से ऊपर लोकहित को रखना होगा

लेकिन वो ओहायो जैसे कुछ महत्वपूर्ण राज्यों में नहीं जीते पाए और इसी वजह से वो जीत के लिए ज़रुरी 270 इलेक्टोरल कॉलेज के वोट हासिल नहीं कर पाए.

मंगलवार को राष्ट्रपति चुनाव के अलावा 11 राज्यों में गवर्नर, सौ सदस्यों वाली सीनेट की एक-तिहाई सीटों और प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों के लिए भी मतदान हुआ था.

ओबामा की जीत बढ़ती बेरोज़गारी और अर्थव्यवस्था की ढीली रफ़्तार के बीच हुई है.

लेकिन मतदाताओं ने उन्हें साल 2009 में कार व्यवसाय को डूबने से बचाने और पिछले साल पाकिस्तान में बिन लादेन को मारने का श्रेय दिया.

इस चुनाव पर दोनों दलों और उनके सहयोगियों ने 800 करोड़ रुपए से भी अधिक का ख़र्च किया. इनमें अधिकतर ख़र्च स्विंग स्टेट कहे जाने वाले राज्यों में विज्ञापनों पर किया गया.

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