चीन में नए नेता की घोषणा कल

 बुधवार, 14 नवंबर, 2012 को 17:13 IST तक के समाचार
चीनी कांग्रेस

हाल के वर्षों में चीन बड़ी ताकत बन कर उभरा है

चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी की एक हफ्ते से चल रही कांग्रेस समाप्त होने जा रही है और इसी के साथ देश की बागडोर क्लिक करें नए नेताओं के हाथ में आए जाएगी.

राजधानी बीजिंग के ग्रेट हॉल में 2,200 से ज्यादा प्रतिनिधि पार्टी की नई केंद्रीय समिति चुन रहे हैं.

यही समिति चीन की सर्वोच्च नीति निर्धारण संस्था पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति का अनुमोदन करेगी.

नए नेताओं के नामों की घोषणा गुरुवार को होगी. चीन की भावी आर्थिक और राजनीतिक दिशा को देखते हुए चीन के नए नेताओं पर सबकी नजर है.

शी जिनपिंग का चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का नया नेता और ली केचियांग का उप नेता बनना तय माना जा रहा है. शी चीन के मौजूदा राष्ट्रपति हू जिंताओ का स्थान लेंगे जो मार्च 2013 से अपने पद पर हैं.

बंद दरवाजों के पीछे

उप प्रधानमंत्री वांग किशान, प्रोपैगेंडा प्रमुख लिऊ युनशान, पार्टी संगठन प्रमुख ली युआनचाओ और उप प्रधानमंत्री जांच डेजियांग अहम पदों के दावेदार हैं.

लेकिन जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक यह कह पाना मुश्किल है कि स्थायी समिति में कौन होगा और कौन नहीं. इसके सदस्यों की संख्या नौ से सात किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है.

चीन में हर दस साल में क्लिक करें नेतृत्व परिवर्तन होता है. पार्टी कांग्रेस आठ नवंबर को शुरू हुई, जिसमें हू ने अपने कार्यकाल का लेखा-जोखा पेश किया.

तब से बंद दरवाजों के पीछे अहम फैसले लिए जा रहे हैं, हालांकि बहुत से फैसले पहले से ही तय माने जा रहे हैं.

सरकारी मीडिया ने जानकारी दी है कि मंगलवार को शुरुआती मतदान में 350 सदस्यों वाली केंद्रीय समिति के लिए आठ प्रतिशत उम्मीवार छंट गए. प्रतिनिधि अब नई समिति के सदस्य चुन रहे हैं.

केंद्रीय समिति पार्टी की सर्वोच्च संस्था है जिसमें पार्टी, सरकार और सेना के अहम पदाधिकारियों को जगह दी जाती है.

नए चेहरे

इस समिति की हर साल बैठक होती है जिसमें अहम नीतिगत फैसले लिए जाते हैं. यही समिति चीन के सबसे ताकतवर पदों पर लोगों को नियुक्त करती है.

लेकिन बीबीसी संवाददाता रेमंड ली का कहना है कि कभी कभी फैसले पोलित ब्यूरो लेता है और फिर उन्हें अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय समिति के पास भेजा जाता है. इसलिए कुछ लोग इसे रबड़ स्टैंप कहते हैं.

केंद्रीय समिति के ज्यादातर मौजूदा सदस्य रिटायरमेंट की उम्र तक पहुंच गए हैं, इसलिए माना जा रहा है कि समिति के कम से कम आधे सदस्य नए लोग होंगे.

पार्टी कांग्रेस में प्रतिनिधि केंद्रीय अनुशासन निगरानी समिति भी चुन रहे हैं जो पार्टी की आंतरिक भ्रष्टाचार विरोधी शाखा है.

पार्टी कांग्रेस के उदघाटन भाषण में राष्ट्रपति हू ने क्लिक करें भ्रष्टाचार को बड़ी चुनौती बताया जिससे अगर नहीं निपटा गया तो उसके घातक परिणाम हो सकते हैं.

विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस से पहले पार्टी के सर्वोच्च नेतृत्व पर कुछ मतभेद देखे गए. विभिन्न गुट पद और प्रभाव के लिए एक दूसरे से होड़ लगा रहे हैं.

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