बीबीसी और लॉर्ड मैकएल्पाइन के बीच समझौता

लॉर्ड मैकएल्पाइन (फाइल फोटो)
Image caption लॉर्ड मैकएल्पाइन पूर्व प्रधानमंत्री मार्ग्रेट थैचर के समय टोरी पार्टी के कोषाध्यक्ष थे.

बीबीसी और लॉर्ड मैकएल्पाइन के बीच अदालत के बाहर समझौता हो गया है. बीबीसी के कार्यक्रम न्यूज़नाइट में बाल यौन शोषण पर प्रसारित एक रिपोर्ट में टोरी पार्टी के पूर्व वरिष्ठ नेता लॉर्ड मैकएल्पाइन को ग़लत तरीक़े से दिखाया गया था जिसके बाद मैकएल्पाइन ने बीबीसी पर मानहानि का दावा किया था.

बीबीसी टेलीविज़न पर उस रिपोर्ट के प्रसारण के 13 दिनों बाद गुरूवार को दोनों के बीच हुए समझौते के तहत हर्जाने के तौर पर बीबीसी लॉर्ड मैकएल्पाइन को एक लाख 85 हज़ार पाउंड यानि लगभग एक करोड़ 60 लाख रूपए देगा.

बीबीसी ने एक बयान जारी कर कहा, ''ये समझौता बहुत ही व्यापक है और ये ग़लती से लगाए गए आरोप की गंभीरता को दर्शाता है.''

समझौते के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लॉर्ड मैकएल्पाइन ने कहा, ''बीबीसी के साथ इतनी जल्दी किसी समझौते पर पहुंचने से मैं बहुत ख़ुश हूं. मुझे इस बात का अंदाज़ा था कि समझौते के तौर पर दी जाने वाली रक़म लाइसेंस फ़ी देने वालों के ज़रिए ही दी जाएगी. बीबीसी के साथ समझौता करते समय मुझे उसका पूरा ख्याल था.''

माफ़ी

मैकएल्पाइन के वकीलों के मुताबिक़ दोनों के बीच हुए समझौते की तमाम शर्तों को कुछ दिनों बाद अदालत के सामने सार्वजनिक किया जाएगा.

Image caption इस विवाद के बाद बीबीसी के तत्कालीन महानिदेशक जॉर्ज एंटविसल ने इस्तीफ़ा दे दिया था.

इस महीने के शुरू में न्यूज़नाइट कार्यक्रम के दौरान नॉर्थ वेल्स स्थित एक केयर होम्स में बाल यौन शोषण पर एक रिपोर्ट दिखाई गई थी.

उस रिपोर्ट में हालांकि लॉर्ड मैकएल्पाइन का नाम नहीं लिया गया था, लेकिन उनकी 1980 के दशक में नॉर्थ वेल्स स्थित केयर होम्स में कथित यौन उत्पीड़क के तौर पर इंटरनेट पर ग़लत पहचान की गई थी.

बीबीसी के होम संपादक मार्क इस्टन ने कहा कि बीबीसी अदालत में लॉर्ड मैकएल्पाइन से माफ़ी मांगेगी लेकिन मैकएल्पाइन भी अदालत में एक बयान जारी करेंगे जिसमें उन्हें कहना होगा कि वो अब भी बीबीसी का बहुत सम्मान करते हैं.

इस रिपोर्ट के प्रसारण के फ़ौरन बाद बीबीसी ने माफ़ी मांग ली थी और इस बारे में जांच भी हो रही है. बीबीसी स्वंय भी एक जांच कर रही है और ब्रिटेन में मीडिया पर नज़र रखने वाली संस्था ऑफ़कॉम भी एक जांच कर रही है.

'महंगा सबक़'

टोरी पार्टी के सांसद रॉब विल्सन ने कहा कि इस समझौते से लाइसेंस फ़ी देने वाले बहुत नाराज़ होंगे क्योंकि, 'वे अपने ज़रिए ही दिए गए ज़ख़्मों की क़ीमत चुका रहे होंगे.'

रॉब विल्सन का कहना था, ''ये बीबीसी के लिए एक बहुत ही महंगा सबक़ है ताकि वो पत्रकारिता के उच्च पैमाने और निष्पक्षता को हमेशा क़ायम रख सके.''

लॉर्ड मैकएल्पाइन के वकील एंड्रयू रीड ने कहा कि कई प्रमुख लोगों ने पहले ही उनके मुवक्किल से माफ़ी मांग ली है.

इस समझौते के बाद लॉर्ड मैकएल्पाइन ने कहा कि अब वो सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर उनके बारे में आपत्तिजनक बातें कहने वालों के ख़िलाफ़ मानहानि का मुक़दमा करेंगे.

इस रिपोर्ट के प्रसारण के बाद उठे विवाद के चलते बीबीसी के तत्कालीन महानिदेशक जॉर्ज एंटविसल ने इस्तीफ़ा दे दिया था.

उसके बाद बीबीसी वर्ल्डवाइड के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम डेवी को कार्यवाहक महानिदेशक बनाया गया था.

टिम डेवी ने कहा कि वो अदालत में लॉर्ड मैकएल्पाइन से व्यक्तिगत रूप से भी माफ़ी मांगेगे.

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