गज़ा के हालात पर चुप नहीं रह सकता: कांदिल

  • 16 नवंबर 2012
मिस्र के प्रधानमंत्री इस समय ग़ज़ा में हैं

इसराइल और हमास में बढ़ते तनाव के बीच ग़ज़ा के दौरे पर पहुंचे मिस्र के प्रधानमंत्री हिशाम कांदिल का कहना है कि 'गज़ा में तबाही मची है' और इसराइल को हवाई हमले तुरंत बंद करने चाहिए.

प्रधानमंत्री हिशाम कांदिल के मुताबिक ‘गज़ा में जो हालात हैं उन्हें देखकर चुप नहीं रहा जा सकता’.

प्रधानमंत्री हिशाम कांदिल की यात्रा के दौरान तीन घंटे के लिए इसराइल बमबारी बंद करने के लिए रज़ामंद हुआ है लेकिन इसराइली अधिकारियों का कहना है कि फलस्तीनी चरमपंछियों की ओर से रॉकेट के हमले जारी हैं.

गुरुवार की रात इसराइल ने ग़ज़ा में 130 ठिकानों को अपने हवाई हमलों में निशाना बनाया जबकि ग़ज़ा से इसराइली क्षेत्र में 11 रॉकेट दागे गए.

हिशाम कांदिल दोनों पक्षों के बीच संघर्षविराम की कोशिश के लिए गाज़ा पहुंचे हैं.

बुधवार को इसराइल के हवाई हमलों में हमास की सैन्य शाखा के प्रमुख की मौत हो गई थी. इसके बाद दोनों पक्षों में तनाव एकदम बढ़ गया है.

बढ़ता तनाव

पिछले 24 घंटों में ग़ज़ा में इसराइली हमलों में बच्चों समेत कम से कम 18 फलस्तीनी मारे गए हैं. वहीं दक्षिणी इसराइल में हमास के रॉकेट हमलों में तीन इसराइलियों की जानें गई हैं.

हमास ने कहा कि उसने हाल के दिनों में ग़ज़ा से 350 से ज्यादा रॉकेट दागे हैं जिनमें से 130 को इसराइल के अनुसार उसके मिसाइल रक्षा सिस्टम आयरन डॉम ने नाकाम कर दिया.

दूसरी तरफ इसराइल ने अपने 30 हजार रिजर्व सैनिकों वाली सेना बुलाने को मंजूरी दे दी है जिसे हमास के खिलाफ जमीनी कार्रवाई की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि सरकार की तरफ से इस बारे में कोई संकेत नहीं मिले हैं.

खबरों में बताया गया है कि इसराइली सैनिकों को लेकर बसें और सैन्य साजोसामान से लदे ट्रक तटीय इलाके की तरफ जा रहे हैं.

इसराइली टीवी चैनलों का कहना है कि ये तैयारियां दिखाती हैं कि अतिक्रमण की योजना तैयार हो गई है, हालांकि सैन्य अफसरों का कहना है कि अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है.

कूटनीतिक सरगर्मियां तेज

इसराइली हमलों में कई बच्चे भी मारे गए हैं

वहीं ग़ज़ा में हमास के प्रधानमंत्री इस्माइल हानिए ने अपने क्षेत्र के खिलाफ इसराइल के ‘क्रूर हमले’ की निंदा की है.

मिस्र के नए राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी ने भी ग़ज़ा पर इसराइल की बमबारी की आलोचना की है. उनके मुताबकि इससे पूरे क्षेत्र की स्थिरता प्रभावित होगी.

शुक्रवार को इस मुद्दे पर मिस्र की राजधानी काहिरा में अरब लीग के विदेश मंत्रियों की बैठक भी हो सकती है.

इस बीच अमरीका ने मिस्र, तुर्की और कुछ यूरोपीय देशों से आग्रह किया है कि वे हमास पर इसराइल के खिलाफ हमले न करने के लिए दबाव डालें.

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