लोक गायिका बनीं चीन की पहली नागरिक

पेंग लीयुआन दशकों से चीन के सरकारी टीवी पर चीन के उत्थान और यशगान वाले सुरीले लोक संगीत की प्रस्तुति करती नज़र आती रही हैं. अब वो चीन की पहली नागरिक बनने वाली हैं.

इस साल जनवरी में सैनिक पृष्ठभूमि वाले नववर्ष समापन समारोह में ख़ूबसूरत पेंग को आखिरी बार दर्जनों नृत्य कलाकारों के बीच राष्ट्रीय टीवी पर कार्यक्रम प्रस्तुत करते देखा गया था.

इस मौक़े पर पेंग ने सफेद सैनिक यूनिफॉर्म पहन राष्ट्रपति हू जिन्ताओ और अपने पति शी जिनपिंग की मौजूदगी में स्रोताओं को मुग्ध कर देनेवाला संगीत पेश किया था.

पेंग कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व चेयरमैन माओत्से तुंग की पत्नी जियांग किंग के बाद दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक रसूख वाली महिला हैं.

उनके विपरीत चीन के पूर्व नेता देंग जियाओपिंग से लेकर हू जिंताओ तक की पत्नियों ने पर्दे के पीछे रहकर ही काम किया है.

विदेशों में पेंग की तुलना फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोला सारकोज़ी की पत्नी कार्ला ब्रूनी से की जाती है.

'द पिअनी फ़ेयरी'

ऐसा माना जा रहा है कि पेंग लीयुआन की प्रसिद्धि की वजह से आमतौर पर गुपचुप तरीके से काम करनेवाले कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व तक पहुंच थोड़ी आसान हो जाएगी.

बीजिंग स्थित चाइनीज़ एकैडमी ऑफ़ सोशल साइंसेज़ से जुड़ी ली यिन्हे कहती हैं, "चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की छवि अब तक बेहद सुस्तीवाली रही है और नेताओं का बर्ताव रोबोट की तरह रहा है जिनमें व्यक्तिगत आकर्षण जैसी बात कम ही देखने को मिलती है. लेकिन पेंग लीयुआन से उम्मीद है कि वो नेतृत्व की छवि में कुछ बदलाव लाएंगी."

'द पिअनी फ़ेयरी' के नाम से मशहूर पेंग ने अपने करियर की शुरुआत चीन की पीपुल्स लीबरेशन आर्मी से की थी. बाद में उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी का वरदहस्त हासिल हुआ और वो लगातार सरकारी टीवी पर पार्टी के प्रचार वाले गीत पेश करती नज़र आने लगीं.

व्यंग्य भरी मुस्कान के साथ एक संगीत समीक्षक की यूयी कहते हैं, "पेंग के 90 फीसदी गीत कम्युनिस्ट पार्टी की प्रशंसा वाले हैं और बाकी बचे गीतों में हमारी शानदार ज़िंदगी का जश्न मनाया गया है."

'सांस्कृतिक योद्धा'

ली यिन्हे कहती हैं कि पेंग अब कभी-कभी ही स्टेज पर नज़र आती हैं. उनकी मौजूदगी सरकारी टीवी पर किसी बड़े समारोह में ही होती है. हालांकि चीन में उन्हें सभी लोग जानते हैं लेकिन उनका संगीत ऐसा है जिसे आमतौर पर 40 पार कर चुके लोग ही पसंद करते हैं.

"उनके संगीत को पसंद करनेवाले लोगों में अधिकांश का जन्म उस समय हुआ था जब कलात्मक अभिव्यक्तियों में ज्यादा विविधता नहीं थी, टीवी चैनल भी नहीं थे, केवल रेडियो ही था शायद."

हालांकि कम्युनिस्ट पार्टी से पेंग का रिश्ता हमेशा से अच्छा ही नहीं रहा है. शी जिनपिंग की तरह ही उनके परिवार को भी सांस्कृतिक क्रांति के दौर में सताया गया था.

साल 2004 में एक चीनी टीवी को दिए साक्षात्कार में पेंग ने बताया था कि उनके पिता को इस वजह से क्रांति विरोधी घोषित कर दिया गया था क्योंकि उनके कुछ परिजन ताइवान की सेना में काम करते थे.

हालांकि पेंग इन मुश्किल हालातों से हतोत्साहित नहीं हुईं और 14 साल की उम्र में ही उन्होंने चीनी लोक संगीत की शिक्षा के लिए शांदोंग विश्वविद्यालय ऑफ़ आर्ट्स में दाखिला ले लिया.

1980 में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में वो 'कला और संस्कृति योद्धा' के रूप में शामिल हुईं.

1983 में नए साल पर हुए समारोह में उनकी प्रस्तुति ने उन्हें रातोंरात राष्ट्रीय सितारा बना दिया.

उसके बाद उन्होंने बाहर के कई देशों में भी अपना कार्यक्रम पेश किया.

भविष्य की भूमिका

1986 में जब पेंग की मुलाकात शी जिनपिंग से हुई तभी वो विख्यात गायिका थीं और शी शियामेन शहर के उपमहापौर और तलाकशुदा व्यक्ति थे.

कुछ ही महीनों की दोस्ती के बाद सितंबर 1987 में दोनों ने शादी कर ली और 1992 में उनकी बेटी पैदा हुई जिसका नाम शी मिंगज़े रखा गया.

अब ये क़यास लगाए जा रहे हैं कि चीन की सरकार में पेंग को किस तरह की भूमिका निभाने की आज़ादी मिल सकती है.

ऐसा हो सकता है कि पेंग सामाजिक कार्यों में ज्यादा ध्यान दें क्योंकि वो विश्व स्वास्थ्य संगठन की सद्भावना दूत हैं और इस रूप में उनका काम तपेदिक और एड्स के बारे में जागरुकता फैलाना है.

पेंग तंबाकू के खिलाफ़ अभियान चला रहे एक चीनी संगठन की भी सद्भावना दूत हैं.

ये भी हो सकता है कि पेंग चीन के शीर्ष नेताओं के बीच बीजिंग के झौंगनहाई इलाके में रहकर जीवन का आनंद उठाना पसंद करेंगी.

2011 में सरकारी पत्रिका 'ग्लोबल पीपुल मैग्जीन'को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि वो रोज़मर्रा के काम पसंद करती हैं जैसेकि साइकिल से बाज़ार जाना और फेरीवालों से मोलभाव करना.

और घर में भी शी जिनपिंग और वो एक -दूसरे के साथ पति-पत्नी जैसा ही व्यवहार करते हैं न कि राजनेता और विख्यात गायिका की तरह.

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