मिस्र:मुर्सी ने हासिल की असीमित शक्तियां

Image caption मोहम्मद मोर्सी की घोषणा के बाद राष्ट्रपति के फैसलों को चुनौती नही दी जा सकेगी.

मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी ने एक ऐसा नया आदेश जारी किया है जिसके तहत अब कोई भी उनके बनाए हुए कानूनों, फैसलों और जारी आदेशों को चुनौती नहीं दे सकेगा.

इसका मतलब यह है कि इसके बाद मोहम्मद मुर्सी की सत्ता पर पकड़ और मजबूत हो जाएगी.

घोषणा में ये भी कहा गया है कि कोई भी अदालत नए संविधान का निर्माण कर रही संविधान सभा को भंग नही कर पाएगी. साथ ही कोई भी संस्थान उनके फैसलों पर आपत्ति नहीं कर पाएगा.

राष्ट्रपति मुर्सी ने देश के मुख्य अभियोजक को भी पद से हटा दिया है.

नया मु्ख्य अभियोजक

तलत इब्राहीम को अब्देल महमूद की जगह मुख्य अभियोजक नियुक्त किया गया है.

होस्नी मुबारक के शासन में सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हमले करने वाले अधिकारियों को बरी करने के बाद से ही अब्देल महमूद पर कड़ी आलोचना की जा रही थी.

इससे पहले राष्ट्रपति की ओर से पद से हटाए जाने के बावजूद मुख्य अभियोजक अब्देल महमूद ने पद छोड़ने से इनकार कर दिया था

मोहम्मद मुर्सी ने अब्देल महमूद को बिना कारण बताए मुख्य अभियोजक के पद से हटा कर वेटिकन का दूत बना दिया था. लेकिन महमूद ने इसे स्वीकार नही किया और वकीलों व न्यायाधीशों का समर्थन लेकर काम पर वापस लौट आए.

इसे मुर्सी की असफलता के रुप में ही देखा गया.था.

प्रमुख विपक्षी नेता मोहम्मद अल बारादेई ने मोहम्मद मुर्सी पर फेराओ की तरह काम करने का आरोप लगाया है. बारादेई का कहना है कि नई घोषणा से राष्ट्रपति का पद कानून से ऊपर हो गया है.

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित बारादेई ने ट्विटर पर लिखा है कि मुर्सी ने सारी शक्तियां अपने हाथों में ले ली हैं और खुद को मिस्र के नए फेराओ(शहंशाह) के रुप में स्थापित कर दिया है.

बीबीसी के काहिरा संवाददाता जॉन लेन का कहना है कि गज़ा संकट के समाधान में मुख्य भूमिका निभाने के बाद मुर्सी को लगने लगा है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना कद ऊंचा कर लिया है.

संबंधित समाचार