मुर्सी ने की गतिरोध खत्म करने की पहल

Image caption मिस्र में राष्ट्रपति को अधिक शक्ति देने पर विरोध.

मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी ने देश के वरिष्ठ न्यायधीशों के साथ मुलाकात की है. मिस्र में राष्ट्रपति को अतिरिक्त शक्तियां दिए जाने के कारण पूरे देश में गतिरोध उत्पन्न हो गया है.

दरअसल, मिस्र के न्यायधीश, नए राष्ट्रपति मुर्सी को अतिरिक्त अधिकार दिए जाने का विरोध कर रहे हैं.

बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति को नए अधिकार सौंपे गए थे, इसके बाद से देश में हिंसा का माहौल है और देश भर में मुर्सी विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं.

जिसके बाद शेयर बाज़ार भी नौ फीसद नीचे गिर गया.

मुर्सी का विरोध

मिस्र के राष्ट्रपति मुर्सी ने रविवार को कहा कि आदेश तात्कालिन थे, और उसका मतलब उनके हाथों में अतिरिक्त ताकत देना नहीं है.

उन्होंने कहा कि वो इस बात के लिए कटिबद्ध हैं कि वो अन्य पार्टियों के साथ मिलकर आम रास्ता निकाले.

उन्होंने कहा कि वो संविधान के नए मसौदे पर भी सर्वसम्मति की उम्मीद कर रहे हैं.

मिस्र के जजों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था ‘जजेज क्लब’ ने रविवार को देश भर में राष्ट्रपति के आदेश के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल की बात कही थी.

Image caption मिस्र में जजों की सभा

जबकि, ‘सुप्रीम जूडिशियल काउंसिल’ ने आदेश को पूरी तरह से खारिज करने से इनकार किया है और जजों से काम पर वापस लौटने की गुहार लगाई है.

इस बीच, न्याय मंत्री अहमद मेक्की ने राष्ट्रपति और न्यायधीशों के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश शुरू कर दी है.

वहीं,नोबल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद अल बरदाई समेत देश के तमाम नामचीन नेताओं ने कहा है कि राष्ट्रपति के साथ उनकी कोई गुप्तगू नहीं होगी जबतक वो आदेश वापस नहीं ले लेते.

राष्ट्रपति के ‘आदेश’ के मुताबिक राष्ट्रपति के निर्णय पर का कोई विरोध नहीं कर सकता, जबकि न्यायधीशों का मानना है कि ये एक तरह से न्यायपालिका पर परोक्ष हमला है..

किशोर की मौत

इस गतिरोध की वजह से राजधानी काइरो समेत कई शहरों में हिंसा भड़क गई है. नीले डेल्टा शहर में हुई हिंसा में रविवार को एक किशोर की मौत हो गई.

जबकि, अलग-अलग हिंसा मे 60 लोगों के ज़ख़्मी होने की खबर है. किशोर, मुस्लिम ब्रदर हुड के सदस्य बताए जा रहे हैं, जो राष्टपति मुर्सी को समर्थन दे रही है.

नीले की मौत हेडक्वार्टर पर हुए हमले में हुई उसकी उम्र 15 साल थी.

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