बॉन्ड की कार ख़रीद पाएगी भारतीय कंपनी?

एस्टन मार्टिन
Image caption एस्टन मार्टिन लगभग 100 साल पुरानी कंपनी है लेकिन हाल के सालों में इसका मालिकाना हक़ ब्रितानियों के हाथ से निकल गया है.

अब तक आपने जेम्स बॉन्ड की फ़िल्मों में उन्हें जिस कार पर बैठकर करतब करते या विलेन का पीछा करते हुआ देखा है, उस एस्टन मार्टिन पर एक भारतीय कंपनी के मालिकाना हक़ की चर्चा काफ़ी गर्म है.

भारत की वाहन निर्माता कंपनी महिन्द्रा ऐंड महिन्द्रा ने एस्टन मार्टिन को ख़रीदने का ऑफ़र उसके वर्तमान मालिक 'इंवेस्टमेंट दर' को दिया है.

ख़बरों के मुताबिक़ इटली की कंपनी इंवेस्टइंडस्ट्रियल भी एस्टन मार्टिन को ख़रीदने की कोशिश में है और उसने इसके लिए 40 करोड़ डॉलर तक के रक़म की पेशकश की है.

ये पेशकश कार कंपनी में पचास प्रतिशत मालिकाना हक़ हासिल करने के लिए की गई है.

इनकार

हालांकि कुवैत के अख़बार अल-वतन और इंवेस्टमेंट दर के चेयरमैन अदनान अल-मुसल्लम ने इन ख़बरों से इनकार किया है.

इंवेस्टमेंट दर ने पहले भी ब्लूमबर्ग की उस ख़बर को ग़लत बताया था कि वो ब्रितानी लक्जरी कार कंपनी को बेचने की लिए ख़रीदार ढूँढ़ रहा है.

उस वक़्त दर ने कहा था कि उसके पास, "एस्टन मार्टिन को लेकर दूरगामी योजनाएं हैं और इसलिए वो हाल फ़िलहाल में कंपनी को बेचने का कोई इरादा नहीं रखता."

Image caption जेम्स बांड की फिल्मों में एस्टन मार्टिन में ढेर सारे गैजेट्स फ़िट होते हैं

लेकिन 12 नवंबर को दिए गए इस बयान के बावजूद 99-साल पुरानी ब्रितानी कार कंपनी के बिकने की ख़बर रूकने का नाम नहीं ले रही है.

कंपनी

महिंद्रा ऐंड महिंद्रा जहाँ इस ख़बर पर टिप्पणी करने से इनकार कर रहा है वहीं इंवेस्टइंडस्ट्रियल से संपर्क नहीं हो सका है.

ब्रिटेन के वारविकशर काउंटी के गेडन में तैयार होने वाली एस्टन मार्टिन अगले साल अपना 100वां वर्षगांठ मनाने जा रही है.

कंपनी को अमरीका की कार निर्माता कंपनी फोर्ड ने साल 2007 में कुवैती इंवेस्टमेंट दर और अदीम इंवेस्टमेंट को बेच दिया था.

नए प्रबंधन ने चीन में बिक्री को बढ़ाने की पूरी कोशिश की लेकिन आर्थिक मंदी की वजह से ब्रिटेन और अमरीका में बिक्री धीमी रही है.

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