नॉर्वे की राजकुमारी, भारत में 'नैनी'?

  • 8 दिसंबर 2012
नॉर्वे की राजकुमारी मेट मारिट
एक राजकुमारी ने की बच्चों की देखभाल

नॉर्वे की राजकुमारी ने कहा है कि उन्होंने इसी साल अक्तूबर में गोपणीय तरीक़े से भारत का दौरा किया था.

वो एक नवजात शिशु जोड़े की देखभाल करने के लिए भारत आईं थीं.

ये दोनों बच्चे सरोगेट बच्चे थे यानी इनका जन्म किराए की कोख से हुआ था.

इन बच्चों के पिता नॉर्वे के एक समलैंगिक जोड़े हैं. ये समलैंगिक जोड़े नॉर्वे की राजकुमारी के ख़ास दोस्त हैं.

राजकुमारी मेट मारिट ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि वे दोनों शिशु दिल्ली के एक अस्पताल में अकेले पड़े हुए हैं और उनकी देख भाल करने वाला कोई नही है क्योंकि उनके दोनों पिताओं को बच्चे के जन्म के समय भारत आने के लिए वीज़ा नहीं मिल सका, तो उन्हें काफ़ी चिंता होने लगी.

बीबीसी संवाददाता देजन राडोजेविक के अनुसार ये अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े की बात है जब नॉर्वे के राजमहल में तैनात एक अधिकारी पिता बनने वाले थे.

राजमहल के अधिकारी को पता था कि वे एक जुड़वां बच्चे के बाप बनने वाले हैं. लेकिन उन बच्चों का जन्म नॉर्वे से हज़ारों मील दूर भारत में होना था. क्योंकि उस अधिकारी को भारत में ही एक ऐसी महिला मिली थी जो 'सरोगेट मदर' बनने यानी की अपनी कोख को किराए पर देने के लिए तैयार हुई थी.

सरोगेट मदर

नॉर्वे में सरोगेसी ग़ैर-क़ानूनी है, लेकिन वहां के क़ानून के मुताबिक़ नॉर्वे के नागरिक किसी और देश में एक सरोगेट मदर को तलाश कर उनसे जन्मे बच्चे को नॉर्वे ला सकते हैं.

उस समलैंगिक जोड़े ने भारत के वीज़ा के लिए आवेदन दिया था लेकिन उस महत्वपूर्ण दिन वो भारत नहीं पहुंच सके क्योंकि उन्हें समय पर वीज़ा नही मिला.

ठीक उसी समय राजकुमारी मेट मारिट अपने दोस्तों की मदद करने के लिए आगे आईं. राजकुमारी मेट मारिट नॉर्वे के राजकुमार हाकोन की पत्नी हैं.

एक बयान जारी कर राजकुमारी मारिट ने कहा कि उनके पास राजनयिक पासपोर्ट होने के कारण उन्हें फ़ौरन वीज़ा मिल गया और उन्होंने फ़ौरन ही दिल्ली के लिए हवाई जहाज़ पकड़ लिया.

राजकुमारी के मुताबिक़ भारत सरकार को भी उनके यहां आने के मक़सद के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.

मारिट ने कहा कि वो तीन दिनों तक एक अस्पताल में उन बच्चों की देखभाल करती रहीं और अस्पताल के कर्मचारियों ने समझा कि वो एक 'नैनी' यानी कि बच्चों की देखभाल करने वाली आया हैं.

तीन दिनों के बाद बच्चों के पिता के एक रिश्तेदार भारत पहुंच गए और बच्चों की देखभाल करने लगे. कुछ दिनों बाद बच्चों के पिता ख़ुद ही भारत पहुंच गए और बच्चों को लेकर नॉर्वे चले गए.

बच्चों के पिता की पहचान गुप्त रखी गई है लेकिन राजकुमारी ने अपने बयान में ये स्पष्ट तौर पर कहा है कि उनकी भारत यात्रा का ख़र्च उन्होंने ख़ुद उठाया था और इस निजी दौरे के लिए उन्होंने नॉर्वे के करदाताओं के पैसों का इस्तेमाल नहीं किया था.

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