जब वोदका ने बचाई हाथियों की जान...

हाथी
Image caption अगर इन हाथियों को वोदका न दी जाती तो वो निमोनिया से मर जाते

साइबेरिया की कड़कड़ाती हुई ठंड में दो हाथियों की जान वोदका पिलाकर बचाई गई. पढ़कर थोड़ी हैरानी हो सकती है लेकिन रूस के अधिकारियों की मानें तो ये सच्चाई है.

अधिकारियों के मुताबिक नोवोसिर्ब्रिस्क क्षेत्र में जब हाथियों को लकड़ी से बनी हुई गाड़ियों में ले जाया जा रहा था तो उसमें आग लग गई जिसकी वजह से इन्हें कड़कड़ाती हुई ठंड में बाहर रखना पड़ा.

इन दो हाथियों की उम्र 45 और 48 साल की है और तापमान शून्य से 40 डिग्री सेल्सियस से कम होने के कारण वो ठंड में ठिठुर रहे थे और उनके कान सुन्न होने लगे थे.

ऐसे में हाथियों को गरमाहट देने के लिए उन्हें गर्म पानी में वोदका मिलाकर पिलाई गई.

गर्जे हाथी

अधिकारियों ने रूस की समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती को बताया, '' इन हाथियों ने वोदका पीने के बाद ऐसे गरजना शुरु कर दिया जैसे वो जंगल में हों. शायद वो खुश थीं.''

इसके बाद पुलिस के सुरक्षा घेरे में इन हाथियों को ट्रक में लादकर एक स्थानीय कॉलेज के गैरेज में रखा गया ताकि उन्हें गरमाहट दी जा सके.

रिपोर्ट के अनुसार ये हाथी पोलैंड की एक सर्कस कंपनी में काम करते हैं जो क्षेत्र में अपने कार्यक्रम कर रहा है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि इनसानों की तरह शराब पीकर जानवर भी गर्माहट महसूस करते हैं लेकिन असल में शराब से उनके शरीर का तापमान कम हो जाता है

लेकिन समाचार पत्र कोमसोमोलस्काया प्राव्दा ने नोवोसिर्ब्रिस्क चिड़ियाघर के निदेशक रोस्तीस्लाव शिलो के हवाले से एक बयान छापा है जिसमें ये कहा गया है कि हाथियों को वोदका देकर नुकसान या मदहोश नहीं किया गया था और अगर उन्हें वोदका नहीं पिलाया जाता तो वो निमोनिया से मर जाते.

संबंधित समाचार