अमरीका का एक पांव आर्थिक खाई में

 मंगलवार, 1 जनवरी, 2013 को 04:47 IST तक के समाचार
बराक ओबामा

बराक ओबामा का कहना है कि अभी कई मुद्दों का समाधान बाकी है

अमरीका में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों के बीच 'फिस्कल क्लिफ' की समय-सीमा पर मतभेद नहीं सुलझाए जा सके हैं और अब अमरीका तकनीकी रूप से आर्थिक खाई की ओर कदम बढ़ा चुका है.

अमरीकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में आज यानी 31 दिसंबर को 'फिस्कल क्लिफ' के मामले में मतदान नहीं होगा जिसके कारण अब 1 जनवरी से टैक्स बढ़ने का खतरा बढ़ गया है.

इस मुद्दे पर अमरीकी सीनेट में सहमति बनने और मंज़ूरी मिलने के बाद यही बिल प्रतिनिधि सभा में भी मंज़ूर किया जाना था. लेकिन अब नए साल में ही ऐसा मुमकिन होगा.

मंगलवार को चूंकि अमरीका में राष्ट्रीय अवकाश है इसलिए 1 जनवरी 2013, यानी आज से तकनीकी रूप से प्रभावशाली हो गए भारी भरकम करों और खर्चों में कटौती का कोई असर नहीं दिखेगा.

बातचीत जारी

"लगता है कि टैक्स में बढ़ोत्तरी के मुद्दे पर कोई समझौता हो जाएगा, लेकिन अभी भी समझौता हुआ नहीं है. कई मुद्दों पर अब भी गतिरोध बरकरार है लेकिन मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस कोई समझौता कर लेगी"

बराक ओबामा

अमरीकी सीनेट में इस मुद्दे पर अब भी बातचीत जारी है. इसके तहत डेमोक्रेटिक पार्टी और राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा 2 लाख डॉलर से कम की वार्षिक आय वाले अमरीकियों पर टैक्स न बढ़ाने की बात पर रिपब्लिकन पार्टी ने आय सीमा को बढ़ाकर साढ़े 4 लाख डॉलर करने की मांग की, जिस पर सहमति बनने की खबरें हैं.

लेकिन खर्चों में कटौती को लेकर डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के बीच गतिरोध बरकरार है. अमरीकी उप राष्ट्रपति जो बाईडन इस बातचीत में मध्यस्थता कर रहे हैं.

अमरीकी सीनेट में रिपब्लिकन नेता मिच मकोनल ने कहा, "हमें टैक्स में छूट पर सहमति वाले हिस्से को मंज़ूरी दे देनी चाहिए, हम खर्चों में कटौती करने वाले मुद्दों पर सहमति बनाने के लिए काम जारी रखेंगे."

'फिस्कल क्लिफ' की समस्या के तहत एक जनवरी से अमरीकियों के करों में इजाफ़ा हो जाएगा और सरकार के खर्चों में भारी कटौती भी हो जाएगी.

जानकारों का कहना है कि इसका बुरा असर अमरीकी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.

सोमवार को दिन में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने टैक्स और खर्चों के बारे में समझौता होने की उम्मीद जताई थी.

बराक ओबामा ने कहा, "लगता है कि टैक्स में बढ़ोत्तरी के मुद्दे पर कोई समझौता हो जाएगा, लेकिन अभी भी समझौता हुआ नहीं है. कई मुद्दों पर अब भी गतिरोध बरकरार है लेकिन मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस कोई समझौता कर लेगी."

उम्मीद है कि पहली जनवरी के दिन अब प्रतिनिधि सभा के सदस्य इस मुद्दे पर बातचीत और वोटिंग का काम आगे बढ़ा सकते हैं.

इस दौरान सीनेट में अगर इस मुद्दे पर सहमति बन जाती है तो वोटिंग सोमवार को ही आधी रात से पहले भी हो सकती है.

व्यापक परिप्रेक्ष्य

"हमें टैक्स में छूट पर सहमति वाले हिस्से को मंज़ूरी दे देनी चाहिए. और खर्चों में कटौती करने वाले मुद्दों पर सहमति बनाने के लिए काम जारी रखेंगे"

मिच मकोनल, रिपब्लिकन नेता

ओबामा का कहना है कि वे 'फिस्कल क्लिफ' की समस्या को व्यापक परिप्रेक्ष्य में सुलझाना चाहेंगे जिसमें खर्चों में कटौती और करों में बढ़ोत्तरी दोनों मुद्दे शामिल होंगे.

ओबामा ने कहा, ''लेकिन स्वाभाविक रूप से इस समय बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं है.''

डेमोक्रेट पार्टी के सांसदों का कहना है कि 450,000 डॉलर तक कमाने वाले जोड़ों पर कर बढ़ाया जाना चाहिए. लेकिन इस बात पर मतभेद अब भी कायम हैं कि खर्चों में कटौती से कैसे निपटा जाए.

विश्लेषकों का कहना है कि दो जनवरी 2013 तक किसी समझौते पर नहीं पहुंचने की सूरत में वैश्विक आर्थिक मंदी का नया दौर शुरु हो सकता है.

इस पूरे मुद्दे पर मौजूदा गतिरोध की शुरुआत साल 2011 से हुई जब सरकारी कर्ज सीमा और वित्तीय घाटे से निपटने के प्रयास शुरु हुए.

तब डेमोक्रेट और रिपब्लिकन खर्चों में कटौती को साल 2012 के आखिर तक टालने पर सहमत हो गए थे.

तब ये आशंका भी प्रबल हो गई थी कि इस मुद्दे पर आगे कोई रजामंदी नहीं हुई तो 31 दिसम्बर 2012 के बाद यानी नए साल से खर्चों में अनिवार्य कटौती लागू हो जाएगी.

31 दिसम्बर 2012 ही वह तारीख है जब पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश की पहल से शुरु हुई खर्चों में कटौती की मीयाद खत्म हो रही है.

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