हिलेरी क्लिंटन के सिर में जमा था थक्का

हिलेरी क्लिंटन
Image caption विदेश मंत्री के रूप में हिलेरी का कार्यकाल ख़त्म होने वाला है

डॉक्टरों का कहना है कि अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की खोपड़ी और मस्तिष्क के बीच ख़ून का थक्का था, जिसे हटा दिया गया है.

उनका कहना है कि अब उनके स्वास्थ्य में तेज़ी से सुधार हो रहा है.

डॉक्टरों का कहना है कि एक बार उनके रक्त को पतला करने वाली दवाओं की खुराक स्थिर हो जाए तो उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी.

65 वर्षीय हिलेरी क्लिंटन को न्यूयॉर्क के अस्पताल में रविवार को भर्ती किया गया था.

पिछले महीने की शुरुआत में वे एकाएक चक्कर आने से गिर पड़ी थीं.

वे राष्ट्रपति बराक ओबामा के पहले कार्यकाल में विदेश मंत्री बनाई गईं थीं. बराक ओबामा का दूसरा कार्यकाल शुरु होने के साथ ही उन्हें हिलेरी क्लिंटन को अपना पद भी छोड़ना है.

नस में जमा था थक्का

डॉक्टरों का कहना है कि रविवार को हुए एमआरआई स्कैन से पता चला कि हिलेरी क्लिंटन की दाईं कान के पीछे एक नस में ख़ून का थक्का जमा हुआ है.

यह नस खोपड़ी और मस्तिष्क के बीच थी.

उनका इलाज कर रहीं डॉक्टर लीज़ा बारडैक और डॉक्टर गिगि अल बायूमी ने कहा, "इस थक्के की वजह से न तो स्ट्रोक हुआ और न मस्तिष्क को कोई क्षति पहुँची."

डॉक्टरों का कहना है कि वे अब स्वस्थ हैं और डॉक्टरों के अलावा अपने परिजनों से हँस बोल रही हैं.

जनवरी में हिलेरी क्लिंटन को लीबिया के बेनगाज़ी शहर में सितंबर के महीने में अमरीकी वाणिज्य दूतावास पर हमले के बारे में कांग्रेस समिति के समक्ष साक्ष्य देने हैं.

लीबिया की इस घटना में अमरीकी राजदूत समेत तीन अधिकारी मारे गए थे.

जनवरी 2009 में बराक ओबामा ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान क्लिंटन को विदेश मंत्री बनाया था

हाल ही में उन्होंने डबलिन की यात्रा की थी.

विदेश मंत्री के रुप में हिलेरी क्लिंटन ने पहले के सभी विदेश मंत्रियों की तुलना में सबसे ज्यादा विदेश यात्राएं की हैं.

क्लिंटन ने अपने कार्यकाल के दौरान 112 देशों का दौरा किया है.

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