'मेरे पिता ने मेरा यौन शोषण किया था'

 शुक्रवार, 11 जनवरी, 2013 को 19:19 IST तक के समाचार

अपने निधन से कुछ वर्ष पहले किन्स्की कान फिल्म फे़स्टिवल में नज़र आ रहे हैं.

दिवंगत जर्मन फ़िल्म स्टार क्लॉस किन्स्की की बड़ी बेटी पोला ने अपने पिता पर आरोप लगाया है कि उनके पांच से 19 वर्ष के होने के दौरान उनके पिता ने उनका यौन शोषण किया था.

पोला ने एक जर्मन पत्रिका को बताया कि उन्होंने अपनी चुप्पी इसलिए तोड़ी क्योंकि उनकी पिता की मौत के 20 वर्षों बाद भी जिस तरह उनकी प्रशंसा की जा रही है, उसे वो पचा नहीं पा रही हैं.

किन्स्की ने 1970 और 80 के दशक में निर्देशक वर्नर हर्ज़ोग की कुछ बेहद लोकप्रिय फ़िल्मों में अभिनय किया था.

किन्स्की के जीवनीकार क्रिस्चियन डेविड का कहना है कि उस दौर में किन्स्की और उनकी बेटी पोला के बीच संबंध की अफ़वाहें थीं.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, "यूरोप, ख़ासतौर से जर्मनी में क्लॉस किन्स्की के बहुत प्रशंसक थे और उस ज़माने में कुछ लोग उन्हें पूजा करने की हद तक प्यार करते थे. लेकिन ऐसा लगता है कि उनकी छवि आनेवाले समय में अब वैसी नहीं रह जाएगी."

क्यों रही मौन?

पोला किन्स्की जो कि ख़ुद एक अभिनेत्री हैं, उन्होंने अपनी जीवनी 'द माउथ्स ऑफ़ बेब्स' के विमोचन से पहले जर्मन पत्रिका 'स्टर्न' को दिए साक्षात्कार में कहा,"सबसे दुखद बात ये है कि मेरे पिता ने एक बार मुझसे कहा कि ये पूरी तरह प्राकृतिक है. दुनिया भर के पिता अपनी बेटियों के साथ ऐसा करते हैं."

"दुर्भाग्यवश हाल तक वो इस बारे में बात करने को तैयार नहीं थीं, इसीलिए मैं अपनी किताब में इस बारे में कुछ भी नहीं लिख सका. लेकिन पोला को पूरा अधिकार था कि वो जिस दिन चाहें उसी दिन इस बारे में सार्वजनिक रूप से कुछ कहें."

क्रिस्चियन डेविड, क्लॉस किन्स्की के जीवनीकार

पोला ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक ख़ुद पर हुए यौन अत्याचार को लेकर चुप्पी साधे रखी क्योंकि उनके पिता ने उन्हें इसके बारे में किसी से बात करने को मना कर दिया था.

अब 60 वर्ष की हो चुकी पोला का कहना है कि उनके बेहद प्रतिभाशाली पिता के अभिनय की जितनी तारीफ़ होती रही है, उसे अब वो पचा नहीं पा रही हैं.

उन्होंने कहा कि अपनी किताब के ज़रिए वो उन लोगों की मदद करना चाहती हैं जो ऐसे ही हालत से गुज़रे हैं.

जर्मनी में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले अखबार 'बिल्ड' ने ऐसी बातों को सार्वजनिक करने के लिए पोला को 'नायिका' का दर्जा दिया है और कहा है कि शायद हज़ारों बेटियां ऐसे सच के बारे में बताने की हिम्मत नहीं जुटा सकेंगी.

'जघन्य अपराध'

इस ख़बर के सार्वजनिक होने के बाद कुछ जर्मन लोगों ने सोशल मीडिया में दिवंगत अभिनेता की निंदा की है तो उनके कुछ प्रशंसक ऐसे भी हैं जिनका मानना है कि किन्स्की की बेटी ने उनकी जो छवि पेश की है उस पर यक़ीन करना मुश्किल है.

लेकिन किन्स्की की 2006 में छपी जीवनी के लेखक क्रिस्चियन डेविड ने पोला के दावों का बचाव किया है.

क्लॉस किन्स्की की ये तस्वीर 1981 की है जब वो अपने करियर के शीर्ष पर थे.

उन्होंने कहा,"दुर्भाग्यवश हाल तक वो इस बारे में बात करने को तैयार नहीं थीं, इसीलिए मैं अपनी किताब में इस बारे में कुछ भी नहीं लिख सका. लेकिन पोला को पूरा अधिकार था कि वो जिस दिन चाहें उसी दिन इस बारे में सार्वजनिक रूप से कुछ कहें. हमें कोई अधिकार नहीं है कि हम उनपर कोई आरोप लगाएं या उनपर अविश्वास करें और ये संदेह करें कि अपनी किताब की बिक्री बढ़ाने के लिए वो ये सब कह रही हैं."

जीवनीकार डेविड ने ये भी कहा कि, " बाल यौन उत्पीड़न एक जघन्य अपराध है और इसमें माफ़ी की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. मैं इस बारे में पूरी तरह कठोरता बरते जाने का हिमायती हूं. सभी तरह के आरोपों की जांच होनी चाहिए और किसी को भी बख़्शा नहीं जाना चाहिए चाहे वो बेहद लोकप्रिय रहे फ़िल्म कलाकार ही क्यों न हों."

हालांकि समाचार एजेंसी रॉयटर ने जब पोला की किताब के बारे में उनके रिश्तेदारों नास्तास्जा और निकोलाई से संपर्क किया तो उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

किन्स्की का फिल्मी जीवन

स्टर्न पत्रिका में इस ख़बर के प्रकाशन से पहले 1991 में दिवंगत हुए किन्स्की अपने अभिनय के अनोखे अंदाज़ और पर्दे की दुनिया के बाहर की अपनी ज़िंदगी को लेकर बेहद चर्चित रहे थे.

1991 में 65 वर्ष की आयु में उनका कैलिफ़ोर्निया में निधन हो गया था.

किन्स्की ने हरज़ोग की मशहूर फ़िल्मों 'अग्विर द रैथ ऑफ़ गॉड'(1972), 'नॉस्फेरातू द वैंपायर'(1979) और फ़िट्ज़कैरेल्डो (1982) में काम किया था.

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