मंदी की मार फेरारी की सवारी पर?

फेरारी
Image caption इटली के मोटर व्यापारी संघ ने बिक्री में कमी के लिए ऊंचे करों को ज़िम्मेदार ठहराया है

इटली की वित्तीय और आर्थिक मुश्किलों का असर वहां के अमीरों पर भी पड़ रहा है और इसके चलते वहां बनने वाली लग्ज़री या मंहगी फेरारी और मासेराटी कारों की अपने ही देश में बिक्री में कमी आई है.

कार उद्योग के आंकड़ें दिखाते हैं कि पिछले वर्ष घरेलू बाज़ार में फेरारी की बिक्री में 56 प्रतिशत और मासेराटी की बिक्री में 72 प्रतिशत कमी आई.

पिछले साल इटली में सिर्फ़ 115 मासेराटी बिकीं और केवल 248 इतालवियों ने ही फेरारी खरीदीं. दोंनो कारें फिएट कंपनी बनाती है.

इटली में मंदी का दौर है और सरकार अपने घाटे को कम करने के लिए कटौती के कदम उठा रही है.

इटली के मोटर व्यापारियों के संघ के अध्यक्ष ने बिक्री में कमी के लिए ऊंचे करों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

अमरीका में बढ़ी बिक्री

दूसरी तरफ़, अमरीका में वर्ष 2012 में कारों की बिक्री में 13.4 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हुआ. गाड़ियों की बिक्री के लिहाज़ से ये 2007 के बाद से अब तक का सबसे बढ़िया साल रहा.

वर्ष 2012 में कार उद्योग में कुल एक करोड़ 45 लाख गाड़ियों की बिक्री हुई. बिक्री में तेज़ी की वजह सुधरती अमरीकी अर्थव्यवस्था और कर्ज़ आसानी से उपलब्ध होना था.

जनरल मोटर्स कंपनी ने सबसे ज़्यादा, 25 लाख कारें और हल्के ट्रक बेचे जबकि प्रतिशत के हिसाब से फॉक्सवागन की बिक्री में सबसे ज़्यादा 35 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज हुई.

विश्लेषकों का मानना है कि कार उद्योग के लिए ये साल और बेहतर होगा. कार बनाने वाली कंपनियां भी बिक्री में बढ़ोतरी की भविष्यवाणी कर रही हैं.

फोर्ड का कहना है कि अमरीका में लगभग डेढ़ करोड़ गाड़ियां बिकेंगी.

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