रिश्वत लेने का आरोप, पाक पीएम की गिरफ़्तारी का आदेश

Image caption अशरफ़ उन पर लगे रिश्वत लेने के आरोपों का खंडन करते हैं

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ़ और 15 अन्य की गिरफ्तारी का आदेश दिया है.

इससे पहले वे पाकिस्तान के जल और ऊर्जा मंत्री थे और उनके तब के कार्यकाल में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के सिलसिले में उनकी गिरफ़्तारी का आदेश दिया गया है.

अशरफ़ वर्ष 2010 में अपने कार्यकाल के दौरान रिश्वत लेने के आरोपों को खारिज करते हैं.

आरोप उस समय उनके एक ऊर्जा प्रोजेक्ट रेंटल पावर प्लांट्स को मंजूरी देने से संबंधित हैं. प्राप्त जानकारी के मुताबिक ये प्रोजेक्ट लगभग 22 अरब रुपए का था.

पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने इसी मामले में 15 अन्य लोगों को भी गिरफ़्तार करने का आदेश दिया है.

जस्टिस इफ्तेख़ार मोहम्मद चौधरी के नेतृत्व में तीन सदस्यों वाली बेंच ने नेशनल एकाउंटबलिटी ब्यूरो को प्रधानमंत्री सहित 16 आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ़्तार करने का आदेश दिया है.

बीते साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने ऊर्जा प्रोजेक्ट रेंटल पावर प्लांट्स के साथ सरकार के सभी अनुबंधों को गैरकानूनी करार देते हुए प्रोजेक्ट को मंज़ूरी देने वाले सभी लोगों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था.

पाकिस्तान में संभवत पहली बार पद पर आसीन प्रधानमंत्री को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ़्तार करने के आदेश जारी हुए हैं लेकिन टीकाकारों का मानना है कि ये जरूरी नहीं है कि राजा परवेज अशरफ़ को तत्काल अपने पद से हटना पड़े.

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