अल्जीरिया अपहरण संकट में 48 बंधको की मौत

अल्जीरिया
Image caption अल्जीरियाई सुरक्षाबलों ने शनिवार को गैस संयंत्र पर निर्णायक कार्रवाई की थी.

अलजीरिया के गैस प्लांट में हुई अपहरण घटना और उसके बाद चार दिन तक चले घटनाक्रम में कम से कम 48 बंधकों के मारे जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है.

रिपोर्टों के अनुसार रविवार को गैंस प्लांट के परिसर में पाए गए 25 शव बंधको के ही हैं.

पहले इस बात को लेकर शंका बनी हुई थी कि मारे गए लोग बंधक बनाने वाले हैं या वो लोग हैं जो घटना के समय गैस प्लांट पर तैनात थे.

इससे पहले रविवार को ही पांच बंधको को गिरफ्तार किया गया था.

अल्जीरियाई सुरक्षा अधिकारियों ने कहा है कि गैस प्लांट में विदेशी और स्थानीय कर्मचारियों को बंधक बनाने वाले इस्लामी समूह के पांच संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है लेकिन तीन अन्य अब भी फ़रार हैं.

इससे पहले अल्जीरिया की सरकार ने चेतावनी दी थी कि इस घटना में मारे गए बंधकों की संख्या बढ़ सकती है. अधिकारियों ने कहा था कि कम-से-कम 23 बंधक मारे गए हैं.

इससे एक दिन पहले अल्जीरिया के अधिकारियों ने कहा था कि सभी 32 अपहरणकर्ताओं को सेना ने मार गिराया था.

'शवों की पहचान मुश्किल'

अल्जीरियाई मीडिया ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से ख़बर दी है कि गैस संयंत्र में 25 शव मिले हैं लेकिन उनकी पहचान करना मुश्किल है. ये भी पता नहीं चल पाया है कि ये शव अपहरणकर्ताओं के हैं या उन लोगों के जिन्हें बंधक बनाया गया था.

अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बाद में जारी की जाएगी.

समाचार एजेंसी एएफपी का कहना है कि नजदीकी कस्बे इन अमीनास के लोग घरों के बाहर नहीं निकल रहे हैं क्योंकि कहा जा रहा है कि सेना की कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है.

अल्जीरिया के संचार मंत्री मोहम्मद सईद ने कहा था कि जिन चरमपंथियों ने प्लांट पर हमला किया, वे छह अलग अलग देशों के थे जिनमें अरब और अफ्रीकी देश भी शामिल हैं.

शनिवार को अधिकारियों ने कहा था कि प्लांट के कम से कम 23 कर्मचारी मारे गए हैं और कुछ विदेशी कर्मचारियों के बारे में अभी भी पता नहीं चल पाया है.

सेना ने प्लांट को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से शनिवार को छुड़ा लिया था.

अधिकारियों का कहना है कि सेना ने प्लांट पर हमला तब किया जब इस्लामी चरमपंथी विदेशी बंधकों को मारने लगे थे.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बंधकों की मौत के लिए चरमपंथियों को जिम्मेदार बताया है.

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