हेडली के लिए 30-35 साल कैद की मांग

 बुधवार, 23 जनवरी, 2013 को 11:25 IST तक के समाचार
डेविड हेडली

भारत डेविड हेडली के प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है

मुंबई पर हुए चरमपंथी हमले और अन्य मामलों में अमरीका ने चरमपंथी डेविड हेडली को 30-35 साल कैद़ की सज़ा देने की मांग की है.

मामले से जुड़े एटॉर्नी गैरी शैपिरो का कहना है कि सरकार की ओर से कोर्ट में 20 पन्नों की एक रिपोर्ट दाखिल की गई है जिसमें सज़ा की मांग की गई है.

एटॉर्नी का कहना है, ''सरकार ने हेडली के लिए 30 से 35 साल कैद की सजा मांगी है जो हेडली के जुर्म और फिर जांच में सहयोग के हिसाब से निष्पक्ष और संतुलित मांग है.''

अमरीकी सरकार का कहना है, ''दिल दहलाने वाले चरमपंथी हमले की योजना में हेडली ने अहम भूमिका अदा की थी.''

प्रत्यर्पण से इनकार

"अमरीकी सरकार ने हेडली के लिए 30 से 35 साल कैद की सजा मांगी है जो उसके जुर्म और फिर जांच में सहयोग के हिसाब से निष्पक्ष और संतुलित मांग है."

गैरी शैपिरो, एटॉर्नी

अमरीकी सरकार ने अपनी रिपोर्ट में इस तथ्य पर भी ध्यान दिया है कि मुंबई हमले में लगभग 164 लोगों की मौत में हेडली की भारत से जुटाई गई जरूरी जानकारियों ने बड़ी मदद पहुंचाई.

अमरीकी अटॉर्नी का कहना है, ''नवंबर 2008 में मुंबई हमले के बाद हेडली डेनमार्क गया जहां उसकी एक और चरमपंथी हमले की योजना थी.''

अटॉर्नी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, ''हेडली ने लश्कर के साथ कई वर्ष तक काम किया और अल कायदा के लिए सदस्य भी बनाए.''

उनका ये भी कहना है कि हेडली के लिए इस मामले में उम्रकैद की सजा सही होती लेकिन बाद में उसने जांच में सहयोग भी किया था.

भारत इस मामले में हेडली को भारत के हवाले करने की मांग करता रहा है लेकिन अमरीका ने इससे एक बार फिर इनकार किया है.

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