कौन होगा जो ख़ुशी से सारे कपड़े उतार देगा..

 रविवार, 27 जनवरी, 2013 को 15:43 IST तक के समाचार
लाइफ़ ड्रॉइंग क्लब

अजनबी लोगों से भरे कमरे में अपने सारे कपड़े खुशी से उतार देना शायद ज़्यातादर लोगों के लिए मुश्किल काम होगा. लेकिन ऐसे लोग हैं और इसका सुबूत है ब्रिटेन में ग्लासगो का एक 'लाइफ़ ड्रॉइंग क्लब'.

बीबीसी स्कॉटलैंड के संवाददाता ह्यू विलियम्स भी माइक और रिकॉर्डर लेकर इस क्लब में पहुंचे और वहां उन्हें जो अनुभव हुए, उन्होंने साझा किए. ये उनका आँखों देखा हाल नहीं है बल्कि वे खुद बतौर न्यूड मॉडल कलाकारों के सामने बैठे, पोर्ट्रेट बनवाया और इस पूरी प्रक्रिया को समझने की कोशिश की.

वे बताते हैं, ''मैंने टॉयलेट में अपन गाउन उतारा जो मैने इसी मौके के लिए लिया था. फिर मुझे उस कमरे में लाया गया जहां कई लोग मौजूद थे. कपड़े उतारकर जब मैं कुर्सी पर बैठा तो महसूस हुआ जैसा बहुत अकेलापन है.''

ह्यू अजनबी लोगों से घिरे थे और जिनके हाथों में स्केच पेन थे जो उनकी ओर देख रहे थे. कई कलाकार उनके पास आए, देखा, कइयों को ह्यू पसंद नहीं आए और इन कलाकारों ने किसी और का स्केच बनाना पसंद किया. लेकिन अंतत ह्यू का स्केच बनाने वाला भी मिल गया.

नग्न अवस्था में असहज होना स्वाभाविक है. वे कहते हैं, ''लोग दरअसल मेरी ओर नहीं देख रहे थे. वे उन विभिन्न कोणों और आकारों को देख रहे थे जिनसे मेरा शरीर गठित होता है. मैंने यह सोचकर खुद को समझाया कि ये लोग मेरा नहीं मानो सब्जियों से भरी बॉस्केट का स्केच बना रहे हैं.''

व्यक्ति नहीं कलात्मक चुनौती

ह्यू विलियम्स का स्केच

ह्यू विलियम्स का ये स्केच रसेल नामक छात्र ने तैयार किया

पत्रकार ने इस पूरी प्रक्रिया को नग्नता के आईने से ही नहीं बल्कि कलात्मक चुनौती के नज़रिए से समझने की भी कोशिश की.

नग्न पोर्ट्रेट बनवाने का एहसास कैसा होता है? ह्यू विलियम्स बताते हैं, "नग्न पोर्ट्रेट बनवाते हुए मुझे लगा कि मैं व्यक्ति नहीं हूँ बल्कि ये एक कलात्मक चुनौती है, समस्याओं का सिलसिला है जिन्हें सुलझाया जा रहा है और कागज पर उतारा जा रहा है."

लेकिन इस सब के बावजूद उन्हें उलझन तो हुई ही. वो कहते हैं, ''फिर भी मैं एक व्यक्ति ही था. मैं नग्न हूं. शायद यही वजह रही कि मुझे स्केच बनाने वाले कलाकारों की आंखों में नहीं झांकने की सलाह दी गई थी.''

ग्लासगो में इस तरह के तमाम क्लब चार वर्ष पहले खुले थे और कई अन्य शहरों में अब इनकी शाखाएं खोली जा रही हैं.

ह्यू विलियम्स कहते हैं कि लाइफ़ ड्रॉइंग इन कलाकारों के प्रशिक्षण का अहम हिस्सा होता है और वे जिन कलाकारों से मिले, उनमें से कुछ कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र थे.

कलाकारों की बात तो समझ में आती है लेकिन नग्न होकर मॉडल बनने वाले इसके लिए क्यों तैयार होते हैं? सबके पास अलग-अलग कारण हैं. 49 साल की कैरल ने बताया कि वो आठ साल से ये काम कर रही है. जबकि 30 साल की कैबरे डांसर कैट के अपने कारण हैं.

कैट का कहना था, मुझमें झिझक नाम की चीज़ कभी नहीं रही. नहीं है. यहाँ एक जगह खड़े रहना मुझे आरामदायक लगता है जबकि दिमाग इधर-उधर दौड़ता रहता है. मुझे ये नहीं सोचना पड़ता कि अब आगे मुझे क्या करना है या सोचना है. ये सब अंदरूनी तौर पर सुकून पहुँचाता है.

ख़ैर अंतत: ह्यू को अपनी नग्न ड्राइंग देखने को मिली. देखते ही वे तपाक से कलाकार रसल काइल से बोले, "जितना मेरा पेट है आप थोड़ा इससे कम नहीं दिखा सकते थे."

कलाकार ने थोड़ी सख्ती से जवाब दिया - मुझे लगता है कि मैंने ऐसा किया है.

और इस तरह नग्न ड्राइंग बनवाने का सिलसिला खत्म हुआ.

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