मोरसी के खिलाफ़ प्रदर्शन, एक की मौत

मिस्र में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने राजधानी काहिरा में राष्ट्रपति निवास के सामने प्रदर्शन किया है. कई जगह सुरक्षा बलों के साथ झड़प भी हुई है. इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है.

एक हफ्ते से जारी प्रदर्शनों में अबतक 60 लोगों की मौत हो चुकी है.

प्रदर्शनकारियों ने पत्थर और पैट्रोल बम फेंके जबकि पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया और हवा में गोलियां चलाई हैं.

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राष्ट्रपति महोम्मद मोरसी ने 2011 की क्रांति के मकसद के साथ धोखा किया है. राष्ट्रपति मोरसी इस आरोप का खंडन करते रहे हैं.

फेसबुक पर जारी बयान में राष्ट्रपति ने कहा है कि सरकारी इमारतों को बचाने के लिए प्रदर्शनकारियों से बेहद सख्त तरीके से निपटा जाएगा और हिंसा के लिए ज़िम्मेदार गुटों को राजनीतिक जवाबदेही देनी होगी.

वहीं मिस्र के बाकि इलाकों में भी हज़ारों लोग सडकों पर उतरकर राष्ट्रपति महोम्मद मुरसी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.

पोर्ट सैद में भी राष्ट्रपति के खिलाफ़ प्रदर्शन हुए हैं. इस शहर में पिछले हफ्ते से ही हिंसा का दौर चल रहा है.यहाँ एक अदालत ने पिछले साल फुटबॉल मैच के दंगों के आरोप में 21 लोगों को मौत की सज़ा सुना दी थी.

महिलाएं यौन हिंसा का शिकार

विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने मिस्र में जारी हिंसा की निंदा की है लेकिन प्रदर्शनकारियों ने नए सिरे से प्रदर्शन करने की अपील जारी की है.

वही दूसरी ओर मानवाधिकार अधिकारियों ने राजधानी काहिरा में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है.

संयुक्त राष्ट्र के कार्यलय में मानवाधिकार मामलों के राजदूत के अनुसार पिछले दिनों शुरु हुए इन प्रदर्शनों में तहरीर चौक पर 25 महिलाओं के साथ यौन अपराध हुए हैं.

पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को हटाने के लिए हुए प्रदर्शनों में भी महिलाओं के साथ यौन अपराध देखे गए थे.

प्रदर्शनों का दौर तहरीर चौक क्रांति की दूसरी वर्षगांठ यानी 24 जनवरी से शुरु हुआ है.

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