‘भोग विलासी’ माओवादी नेताओं से नाराज़ कार्यकर्ता

Image caption सम्मेलन में यूसीपीएन-माओवादी के नेताओं को अपनी तेजी से बढ़ी समृद्धि के बारे में जवाब देना मुश्किल हो गया.

नेपाल की यूनिफाइड कम्युनिस्ट पार्टी- माओवादी नेताओं के भ्रष्टाचार में लिप्त होने और विलासितापूर्ण जीवन अपनाए जाने की लंबे समय से आलोचना हो रही है.

हाल ही में मध्य नेपाल के हटेड़ा शहर में पार्टी का आम कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हुआ. इसमें कार्यकर्ताओं ने पूरे दम-खम से अपना आक्रोश जताया.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि श्रमिकों की तानाशाही लाने का सपना दिखाने वाली पार्टी बहुत तेजी से ‘देश की किसी भी दूसरी पार्टी’ में तब्दील हो गई है. सम्मेलन में यूसीपीएन-माओवादी के नेताओं को अपनी तेजी से बढ़ी समृद्धि के बारे में जवाब देना मुश्किल हो गया.

दर्द

सरल सहयात्री 1996 से 2006 के संघर्ष - तथाकथित लोगों की जंग- के दौरान ब्रिगेड कमांडर थे. बीबीसी से उन्होंने टूटे हुए सपनों और कुचली गई उम्मीदों पर बात की.

थोड़े कड़े शब्दों में वह कहते हैं, “शांति वार्ता में शामिल होने के बाद कार्यकर्ताओं की स्थिति में तो कोई फ़र्क नहीं पड़ा लेकिन नेताओं के पास अब किसी चीज़ की कमी नहीं”.

उषा देवकोटा के पति उमेश सेधाई संघर्ष के दिनों से लापता हैं.

पार्टी नेताओं पर उनका गुस्सा फूट पड़ा, “हम देख रहे हैं कि हमारे नेताओं की जीवनशैली में कितना बदलाव आ गया है. यह असंतोषजनक है”.

फिजूलखर्ची

नेताओं पर तड़क-भड़क वाली ज़िंदगी जीने के आरोप लगाए गए. ये वो ही चीज़ें है जिनकी वो पहले निंदा किए करते थे.

Image caption काठमांडू में प्रचंड का बंगला

ख़ास तौर पर पार्टी अध्यक्ष पुष्प कमल दहाल उर्फ़ प्रचंड को एक बयान जारी करने पर मजबूर होना पड़ा.

पिछले साल काठमांडू में प्रचंड अपने नए घर, जिसे कुछ लोग ‘विलासितापूर्ण महल’ भी कहते हैं, में रहने गए थे. वह तभी से लोगों के निशाने पर हैं.

वरिष्ठ माओवादी नेताओं को कीमती महलों में रहने, ब्रैंडेड कपड़ों से सजने, स्मार्टफ़ोन लेकर घूमने जैसे आरोप झेलने पड़े हैं.

सशस्त्र क्रांति की शुरूआत से ही लेख बहादुर थापा पार्टी के कार्यकर्ता रहे हैं.

प्रधानमंत्री और पार्टी उपाध्यक्ष बाबूराम भट्टाराई के गृह ज़िले से हैं.

उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि अवसरवादी नेता पार्टी का नाम ख़राब कर रहे हैं. इस स्थिति पर तुरंत ध्यान दिया जाना चाहिए”.

संविधान सभा के पूर्व सदस्य और पार्टी की पूर्व युवा इकाई- युवा कम्युनिस्ट लीग के नेता चंद्र बहादुर थापा मानते हैं कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में कम्युनिस्ट मूल्यों का ह्रास हो रहा है.

वह कहते हैं, “संघर्ष के दिनों में पार्टी की ओर से हमें ऐसे लोगों के खिलाफ़ कार्रवाई करने के निर्देश मिलते थे जो शराब पीते थे और जुआ खेलते थे. लेकिन आज हमारे अपने कार्यकर्ता खुद यही सब कर रहे हैं”.

अनियमितताएं

माओवादियों को भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों का भी सामना करना पड़ा है.

एक साल पहले हथियार डालने वाले पूर्व लड़ाकों को अस्थाई छावनी में रखने के दौरान वेतन देने में करोड़ों के आर्थिक घपले का आरोप लगाया गया.

सहयात्री उन लोगों में से थे जिन्होंने इस अनियमितता को लेकर आवाज़ उठाई.

इसका परिणाम यह हुआ कि पार्टी को इन आरोपों की जांच के लिए एक समिति का गठन करना पड़ा.

हालांकि अब भी चिंता इस बात पर है कि ऐसी पार्टी जो वर्ग-विहीन समाज की बात करती थी, खुद नए वर्ग पैदा कर रही है.

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