रूस में उल्कापिंड के कारण 20 फीट का गड्ढा

  • 18 फरवरी 2013
उल्कापिंड
Image caption जमी हुई झील में उल्कापिंड के कारण चौड़ा गड्ढा हो गया है

रूसी वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्हें रूस के यूराल क्षेत्र में उल्कापिंड के टुकड़े मिले हैं जो शुक्रवार को इस इलाके से टकराया था और जिससे 1200 लोग घायल हुए थे.

ये टुकड़े चेलियाबिंस्क इलाके में छेबारकुल नाम के कस्बे में एक जमी हुई झील के पास मिले. माना जाता है कि इसी इलाके में आकर ये उल्कापिंड गिरा था. वहां उल्कापिंड गिरने से 20 फीट चौड़ा गड्ढ़ा हो गया है.

उराल फेडरल यूनिवर्सिटी के विक्टर ग्रोहोवस्की ने रूसी मीडिया को बताया कि इन टुकड़ों में 10 प्रतिशत लोहा है.

रूसी अधिकारियों का कहना है कि इस उल्कापिंड के गिरने से लगभग एक अरब रूबल (3.3 करोड़ डॉलर) का नुकसान हुआ है.

शुक्रवार की सुबह आसमान में गर्जन के बाद मॉस्को से पूर्व में 1,500 किलोमीटर दूर चेलियाबिंस्क में आकाश से आग के गोले आते दिखाई दिए.

इससे लगभग दो लाख वर्ग मीटर के इलाके में खिड़कियां टूट गईं और उनकी शीशों से बहुत से लोग घायल हो गए.

'अध्ययन पूरा'

वैसे लगभग नौ हजार लोग मलबे को हटाने और बचाव अभियान में जुटे हैं, लेकिन वैज्ञानिक का ध्यान छेबारकुल झील के आसपास उल्कापिंड के टुड़कों को तलाशने पर ही रहा है.

रूसी समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती ने ग्रोहोवस्की के हवाले से कहा है, “बस अभी अभी हमने अपना अध्ययन पूरा किया है और हम पुष्टि करते हैं कि हमें वहां से उल्कापिंड के टुकड़े मिले हैं.”

रूसी वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी के मौहाल में दाखिल होने से पहले उल्कापिंड का वजन 10 टन था और ये इसकी गति 30 किलोमीटर प्रति सेकंड थी और जमीन से 30 से 50 किलोमीटर ऊपर ये विखंडित हो गया.

वहीं अमरीकी अतंरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा है कि उल्कापिंड का 55 फुट चौड़ा था और पृथ्वी के मौहाल में दाखिल होने से पहले उसका वजन 10 हजार टन था और उससे लगभग 500 किलोटन ऊर्जा निकली.

जापान के हिरोशिमा में गिराया गया परमाणु बम 12 से 15 किलोटन का था.

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