'सबसे उम्रदराज़' धावक फौजा सिंह ने पूरी की आखिरी मैराथन

  • 25 फरवरी 2013
Image caption 101 साल की उम्र में मैराथन दौड़ पूरी की फौजा सिंह ने

दुनिया के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक माने जाने वाले फौजा सिंह ने हॉन्ग कॉन्ग में अपनी आखिरी प्रतियोगी दौड़ पूरी की.

पूर्वी लंदन में इलफोर्ड के रहने वाले 101 वर्षीय फौजा सिंह ने हॉन्ग कॉन्ग में दस किलोमीटर लंबी मैराथन दौड़ को एक घंटा 32 मिनट और 28 सैकेंड में पूरा किया.

दौड़ पूरी करने के बाद फौजा सिंह ने कहा, “मैं इस दिन को हमेशा याद रखूंगा, कभी भूल नहीं सकता.”

साल 2000 में फौजा सिंह ने लंदन में पहली बारा मैराथन दौड़ में हिस्सा लिया और उसके बार उन्होंने आठ बार मैराथन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया.

कुछ दिनों पहले उन्होंने कहा था, “मैं खुशी और दु:ख दोनों का मिला-जुला अनुभव महसूस कर रहा हूं.”

उन्होंने कहा था, “मैं खुश हूं कि मैं खेल के सबसे ऊपरी हिस्से से रिटायर हो रहा हूं. लेकिन मुझे दु:ख इस बात का है कि मैं इस खेल में बहुत देर से आया.”

सौ साल की उम्र में धावक

साल 2011 में टोरंटो मैराथन में हिस्सा लेकर फौजा सिंह सबसे अधिक उम्र के मैराथन धावक माने गए. उस समय उनकी उम्र सौ साल बताई गई थी.

इन सबके बावजूद फौजा सिंह के रिकॉर्ड को गिनीज़ बुक में नहीं दर्ज किया गया और इसकी वजह ये बताई गई कि उनके पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं था.

दरअसल फौजा सिंह कोई पेशेवर धावक नहीं थे, बल्कि भारत में पंजाब के एक किसान थे.

साल 1960 में वो ब्रिटेन चले गए और उसके बाद से ही उन्होंने दौड़ना शुरू किया. पहली दौड़ के समय उनकी उम्र 89 साल की थी और ये वो समय था जब उनकी पत्नी और उनके पांचवें बेटे की मृत्यु हो गई थी.

मैराथन में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साल 2003 में टोरंटो मैराथन में था जब उन्होंने इसे पांच घंटे और चालीस मिनट में पूरा किया था.

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