उत्तर कोरिया पर कड़े प्रतिबंधों को मंज़ूरी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से उत्तर कोरिया के खिलाफ नए सिरे से प्रतिबंध लगाए जाने की मंजूरी दे दी है.

सुरक्षा परिषद ने ये प्रतिबंध पिछले महीने उत्तर कोरिया के तीसरे परमाणु परीक्षण के बाद लगाए हैं.

प्रस्ताव में उत्तर कोरिया के राजनयिकों को निशाना बनाया गया है. उनके नकद हस्तांतरण और विलासिता के सामान के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है.

प्रतिबंध तीन महत्वपूर्ण व्यक्तियों पर लगाए गए हैं, उनकी परिसंपत्तियां सील कर दी गई है और यात्राओं पर रोक लगाई गई है.

उत्तर कोरिया की सेना से जुड़ी दो कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं.

'गंभीर खतरा'

गुरुवार को हुई सुरक्षा परिषद की बैठक में प्रतिबंध लगाए जाने के प्रस्ताव के पक्ष में 15 वोट पड़े.

मतदान के बाद संयुक्त राष्ट्र में अमरीका की राजदूत सूजन राइस ने कहा कि ये प्रस्ताव प्योंगयांग की कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है.

उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का मकसद उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को विकसित करने की क्षमता को आगे बढ़ने से रोकने के लिए विवश करना है.

राइस ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उत्तरी कोरिया फिर से परमाणु परीक्षण करता है तो संयुक्त राष्ट्र अगली ज़रुरी कार्रवाई करेगा.

चीन की ओर से संयुक्त राष्ट्र में राजदूत ली बाडोंग ने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव को कम करना है.

साथ ही ली ने यह भी कहा है कि उत्तर कोरिया के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर छह पक्षीय वार्ता को फिर से शुरू किया जाना चाहिए.

विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम

संयुक्त राष्ट्र में दक्षिण कोरिया के दूत किम सुक ने उत्तर कोरिया के इन परमाणु परीक्षणों को 'कोरियाई प्रायद्वीप पर शांति के लिए गंभीर ख़तरा' बताया है.

किम ने उत्तरी कोरिया से कहा है कि वो विश्व समुदाय की चिंताओं को समझे और "उत्तर कोरिया का भविष्य उसके अपने हाथों में है".

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा है," उत्तर कोरिया के लिए ये एक स्पष्ट संदेश है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय उसके परमाणु हथियारों को हासिल करने के लक्ष्य को बर्दाश्त नहीं करेंगा."

उत्तरी कोरिया की ओर से मतदान के बाद अब तक कोई टिप्पणी नहीं आई है.

संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर 2012 में उत्तरी कोरिया द्वारा लंबी दूरी की मिसाइल परीक्षण के खिलाफ़ अतिरिक्त प्रतिबंध लगा दिए थे.

उत्तरी कोरिया 2006 और 2009 में भी दो बार परमाणु परीक्षण कर चुका है.

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