नाइजीरिया: यूरोपीय बंधकों की हत्या की आशंका

Image caption अंसारू को बोको हराम का सदस्य बताया जाता है

ब्रिटेन, इटली और ग्रीस का कहना है कि उन्हें लगता है कि नाइजीरिया में जिन सात विदेशी नागरिकों को अगवा किया था, उन्हें मार दिया गया है.

बंधक बनाए गए ये नागरिक इटली, ब्रिटेन, ग्रीस और लेबनान के थे. इन लोगों को पिछले महीने एक निर्माणाधीन स्थल से पकड़ा गया था.

अंसारू नाम के इस चरमपंथी समूह ने शनिवार को ऑनलाइन एक बयान जारी कर बताया कि बंधक बनाए गए सभी लोगों की हत्या कर दी गई है.

अंसारू को चरमपंथी संगठन 'बोको हराम' की ही एक शाखा बताया जाता है.

रविवार को ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने कहा कि लगता है कि ब्रिटिश श्रमिक ब्रेंडन वॉगन भी इन लोगों के साथ मार डाले गए हैं.

उन्होंने कहा, “ये साफ तौर पर हत्या का मामला है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. इसके लिए किसी तरह की माफी का सवाल ही नहीं उठता है.”

इटली की सरकार ने भी इसी तरह का बयान जारी किया है, जबकि ग्रीस के विदेश मंत्री ने कहा, “हमें जो सूचना मिली है उसके मुताबिक ग्रीस नागरिक की मौत हो गई है.”

बदले की कार्रवाई

अंसारू के ऑनलाइन संदेश में इन सातों लोगों के क्षत-विक्षत शव की तस्वीरें भी पोस्ट की गई हैं.

चरमपंथियों का कहना है कि इन नागरिकों की हत्या ब्रिटिश और नाइजीरिया सेना द्वारा की गई बचाव कार्रवाई की वजह से की गई है.

वहीं इटली के विदेश मंत्री ने एक बयान में कहा, “किसी भी सरकार द्वारा इन नागरिकों के बचाव के लिए कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की गई.”

जबकि ब्रिटिश सेना का कहना है कि हाल ही में नाइजीरिया की राजधानी अबूजा में जो युद्धक विमान भेजे गए थे उन्हें माली में चल रहे ऑपरेशन में हिस्सा लेने के लिए भेजा गया था न कि बचाव कार्य के लिए.

अंसारू समूह का कहना है कि उसने इन लोगों की हत्या इसलिए की ताकि वो यूरोपीय लोगों द्वारा इस्लाम पर होने वाले अत्याचारों का बदला ले सकें.

इस समूह की स्थापना जनवरी 2012 में हुई थी और ब्रिटिश सरकार ने इसे चरमपंथी संगठनों की सूची में शामिल कर रखा है जो अल-कायदा से संबंध रखता है.

संबंधित समाचार