प्रेम संबंध के लिए सैनिक की पत्थर मारकर हत्या

Image caption खुर्रम मुख्यत शिया बहुल इलाका है

उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में एक सैनिक की पत्थरों से मार-मारकर हत्या कर दी गई. ख़बरों के मुताबिक सैनिक का एक स्थानीय महिला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसके चलते कबीले के नेताओं ने उसे ये सजा दी.

बताया जा रहा है कि मृत सैनिक को पारा चिनार नगर के कब्रिस्तान के पास तब तक पत्थर मारे गए जब तक लहूलुहान होकर उसकी मौत नहीं हो गई. ये इलाका खुर्रम के अधीन पड़ता है.

पारा चिनार नगर में शिया मुसलमानों की आबादी ज़्यादा है. स्थानीय लोगों को इस प्रेम प्रसंग पर इसलिए एतराज था क्योंकि सैनिक सुन्नी मुसलमान था और शिया लड़की से प्रेम करने लगा था.

इस मामले में अभी सेना की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

इस्लामाबाद स्थित बीबीसी के संवाददाता एम इलियास ख़ान ने बताया है कि अवैध संबंधों के चलते पाकिस्तान में हत्या कोई नई बात नहीं है, लेकिन आम लोगों द्वारा पत्थर मार-मार कर मारने की घटना नई है.

शिया बनाम सुन्नी की जंग

दरअसल पाकिस्तान में शिया मुसलमान इन दिनों अपने समुदाय पर हो रहे हमलों से काफी नाराज चल रहे हैं.

बीते साल पाकिस्तान में 400 से भी ज़्यादा शिया मुसलमानों की हत्या हुई है. जबकि इस साल अब तक 200 शिया मुसलमानों की हत्या हो चुकी है.

आधिकारियों ने बताया है कि मृत सैनिक अनवर दीन को तब गांव वालों ने पकड़ लिया जब वो अपनी माशूका से मिलने के लिए गांव पहुंचा था.

लड़की के परिवार वालों ने कबिलाई नेताओं ने सलाह मांगी और उन लोगों ने अनवर दीन को पत्थर मार-मार कर मारने की सजा सुनाई.

कबीले के नेता मुनीर हुसेन ने समाचार एजंसी रायटर को बताया, “लड़की अपने घर से सोमवार को बाहर निकल कर अनवर दीन से मिली थी, तब गांव वालों ने उन्हें देखा था.”

हुसेन ने आगे कहा, “हमने लड़की को हिरासत में रखा है और सैनिक को स्थानीय कब्रिस्तान ले गए. जहां पत्थर मार-मार कर उसे मार डाला गया और बाद में दफ़ना दिया गया.”

ग्रामीणों में नाराजगी

मुनीर हुसेन ने ये भ कहा है कि वे लोग उस पाकिस्तान सैनिक को भी सौंपे जाने की मांग कर रहे हैं जो इन दोनों का मददगार था.

हुसेन ने कहा, “सेना यहां हमारी हिफ़ाजत के लिए है. अगर उसके सैनिक इस तरह की गतिविधियों में लिप्त पाए गए तो हम उन्हें यहां नहीं रहने देंगे. ये हमारी परंपराओं के ख़िलाफ़ है और हम इसके ख़िलाफ़ विद्रोह करेंगे.”

स्थानीय ग्रामीणों में गुस्सा इसलिए भी ज्यादा था क्योंकि इस सैनिक का लंबे समय से महिला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था. उसे इस सिलसिले में काफी चेतावनी दी जा चुकी थी और उसकी सैन्य टुकड़ी की पंजाब प्रांत में दूसरी जगह तैनाती हो चुकी थी.

लेकिन बताया जा रहा है कि वह महिला से टेलीफोन के जरिए लगातार संपर्क में था और इस बार वह सैनिक नहीं आम नागरिक के तौर पर अपनी प्रेमिका से मिलने आया था और बताया जा रहा है.

खुर्रम पाकिस्तान का वो प्रशासित क्षेत्र है जो अब तक प्रशासनिक, आर्थिक और न्यायिक मामलों पूरी तरह पाकिस्तान के अधीन नहीं है. और यही वजह है कि कबिलाई नेता कानून अपने हाथ में लेते रहते हैं.

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