चीन: राष्ट्रपति ने लिया पुनर्जागरण का संकल्प

Image caption नए राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नया चीन बनाने का वादा किया है

चीन के नए राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने देश के पुनर्जागरण के लिए काम करने का संकल्प लेते हुए कहा है कि आर्थिक विकास उनके एजेंडे में सबसे ऊपर रहेगा.

जिनपिंग ने बतौर राष्ट्रपति रविवार को अपने पहले संबोधन में देश में बढ़ रही आर्थिक असमानता और भ्रष्टाचार पर चिंता जताई. साथ ही उन्होंने कहा कि देश इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रहा है.

बीजिंग से बीबीसी संवाददाता मार्टिन पेशेंस के मुताबिक जिनपिंग ने नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देश में व्यापक एकता कायम करने की ज़रूरत है.

राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत अपने संबोधन में चीनी राष्ट्रपति ने साथ ही सेना को भी सलाह देते हुए कहा कि उसे राष्ट्रीय एकता और अखंडता के संरक्षण के लिए अपनी क्षमताओं में सुधार करना चाहिए.

दिल जीतने का वादा

बाद में नए प्रधानमंत्री ली कीकियांग ने कहा कि सरकार लोगों का दिल जीतने की पूरी कोशिश करेगी. उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है.

ली ने कहा कि सरकारी खर्चों पर कटौती की जाएगी. उन्होंने कहा, “एक ईमानदार सरकार को पहले अपने गिरेबां में झांककर देखना चाहिए.”

विदेश नीति के बारे में नए प्रधानमंत्री ने कहा कि चीन और अमरीका के बीच कई मुद्दों पर मतभेद है लेकिन उन्हें साझा हितों के लिए मिलकर काम करने की ज़रूरत है.

उन्होंने इन आरोपों को आधारहीन बताया कि अमरीका की सरकारी एजेंसियों और कंपनियों पर हाल में हुए साइबर हमलों में चीन का हाथ है.

इससे पहले शनिवार को कांग्रेस ने नई सरकार में कई नियुक्तियों को मंजूरी दी. वांग यी विदेश मंत्री और लोऊ जिवेई को वित्त मंत्री बनाया गया है.

कम्युनिस्ट पार्टी के चार दिग्गज नेताओं ज़ैंग गाओली, लियू यांदोंग, वांग यांग और मा काई को उप प्रधानमंतत्री नियुक्त किया गया है.

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