इराक़ः तारीखों की नज़र से...

Image caption इराक़ को दुनिया की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक रही है.

इराक़ के इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा.

1534-1918 - इराक़ ऑटोमन साम्राज्य का हिस्सा.

1914-1918 - प्रथम विश्व युद्ध.

1917 - बगदाद का ब्रिटेन पर कब्ज़ा

1920 - लीग ऑफ नेशन्स की सहमति के बाद ब्रिटेन ने इराक़ का गठन किया.

1920 - महान इराक़ी क्रांति, ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह.

1921 - मक्का के शरीफ हुसैन बिन अली के बेटे फैसल का इराक़ का पहला बाद बादशाह बनना.

इराक़ का उदय

1932 - इराक़ का स्वतंत्र राष्ट्र बनना.

1939-45 – द्वितीय विश्व युद्ध, इराक़ पर फिर से ब्रिटेन का कब्ज़ा.

1958 – ब्रिगेडियर अब्दुल अल करीम कासिम की अगुआई में सैन्य विद्रोह में राजशाही का खात्मा. इराक़ गणतंत्र घोषित.

1963 – अरब सोशलिस्ट बाथ पार्टी (एएसबीपी) ने नेतृत्व में विद्रोह में प्रधानमंत्री कासिम का सत्ता छोड़ना. आरिफ राष्ट्रपति बने.

1963 – आरिफ ने खुद ही कुछ अधिकारियों को साथ मिलाकर बाथ पार्टी की सरकार गिरा दी.

1966 – 13 अप्रैल को एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में आरिफ के मारे जाने के बाद उनके बड़े भाई मेजर जनरल अब्द-अल रहमान मुहम्मद आरिफ देश के राष्ट्रपति बने.

1968 – बाथ पार्टी की अगुवाई में हुए विद्रोह में अब्द-अल रहमान मुहम्मद आरिफ सत्ता से बेदखल. रिवोल्यूशन कमांड काउंसिल (आरसीसी) ने सत्ता संभाली. जनरल मोहम्मद हसन अल-बक्र ने बतौर चेयरमेन और देश के राष्ट्रपति के तौर पर सत्ता की बागडोर अपने हाथ में रखी.

पेट्रोलियम कंपनी का राष्ट्रीयकरण

1972- इराक़ पेट्रोलियम कंपनी (आईपीसी) का राष्ट्रीयकरण किया गया.

1974- इराक़ ने कुर्द क्षेत्र को सीमित स्वायत्तता दी.

1979 - सद्दाम हुसैन अल बक्र के बाद राष्ट्रपति बने.

1980- इरान समर्थक दावा पार्टी ने बगदाद के मुस्तनसीरिया यूनिवर्सिटी में उप प्रधानमंत्री तारीक अज़ीज पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया.

ईरान-इराक़ युद्ध

1980-1988 - ईरान-इराक़ युद्ध

जून 1981 – इसराइल ने बगदाद के पास स्थित इराक़ी नाभिकीय अनुसंधान केंद्र पर हमला कर दिया.

कुर्द पर रासायनिक हमले

मार्च 1988 – इराक़ ने कुर्द शहर हलब्जा पर जहरीली गैसों से हमला किया. इसमें हज़ारों लोग मारे गए.

मार्च 1990 – इरान में पैदा हुए और लंदन के ऑब्जर्वर अखबार के लिए काम करने वाले फरज़ाद बज़ोफ्त पर एक सैन्य प्रतिष्ठान की जासूसी का आरोप लगने के बाद उन्हें बगदाद में फांसी दे दी गई.

कुवैत पर इराक़ का हमला

1990 – कुवैत पर इराकी हमले के साथ ही खाड़ी युद्ध की शुरुआत हुई. और अमरीकी अगुवाई में की गई जवाबी कार्रवाई में इराक़ को फरवरी 1991 में कुवैत से पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया गया.

अप्रैल 1991 – इराक़ पर हथियारों की जांच कार्यक्रम के लिए दवाब डाला गया.

विद्रोह

मार्च के बीच में/अप्रैल की शुरुआत में – कुवैत में इराक़ की हार से उत्साहित होकर दक्षिण में शियाओं ने और उत्तर में कुर्द समुदाय ने विद्रोह किया जिसे बर्बरता से कुचल दिया गया.

अप्रैल 1991 – संयुक्त राष्ट्र ने उत्तरी इराक़ में कुर्दों को बचाने के लिए संरक्षित क्षेत्र की मंजूरी दी. इराक़ ने इस क्षेत्र में सभी तरह की सैन्य गतिविधियों पर रोक लगाने का आदेश दिया.

अगस्त 1992 – दक्षिणी इराक़ में उड़ान निषिद्ध क्षेत्र की घोषणा. इसके तहत किसी भी इराक़ी विमान को इस इलाके में उड़ने की इजाजत नहीं थी.

जून 1993 – कुवैत में अप्रैल में तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश पर हुए जानलेवा हमले की कोशिश के बाद बदले की कार्रवाई में अमरीकी सेना ने बगदाद स्थित इराक़ के खुफिया विभाग के मुख्यालय पर क्रूज़ मिसाइलों से हमला किया.

तेल के बदले अनाज कार्यक्रम

अप्रैल 1995 – संयुक्त राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव संख्या 986 में इराक़ को खाद्यान्न और दवाएं खरीदने के लिए उसके तेल निर्यात को आंशिक तौर पर बहाल करने की इजाजत दी.

अक्टूबर 1995 – सद्दाम हुसैन ने जनमत संग्रह जीत कर राष्ट्रपति पद पर और सात सालों तक बने रहने का मार्ग प्रशस्त किया.

अगस्त 1996 – केडीपी से मदद की गुहार के बाद इराक़ी बलों ने उड़ान निषिद्ध क्षेत्र वाले इलाकों पर धावा बोल कर इरबिल पर कब्ज़ा कर लिया.

सितंबर 1996 – अमरीका ने बगदाद के करीब दक्षिण में उड़ान निषिद्ध क्षेत्र तक का विस्तार कर दिया.

अक्टूबर 1998 – इराक़ ने ‘महाविनाश के हथियारों’ को खत्म करने के संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम से सहयोग खत्म किया. संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष आयोग की निगरानी यह कार्यक्रम चल रहा था.

ऑपरेशन डेजर्ट फॉक्स

दिसंबर 1998 – बगदाद से संयुक्त राष्ट्र संघ के कर्मचारियों के निष्कासन के बाद अमरीका और ब्रिटेन ने बमबारी शुरू कर दी. इराक़ के नाभिकीय, रासायनिक और जैविक हथियार कार्यक्रम को नष्ट करने के लिए चलाए गए इस अभियान को ‘ऑपरेशन डेजर्ट फॉक्स’ का नाम दिया गया था.

फरवरी 1999 – शिया समुदाय के वरिष्ठ धार्मिक नेता अयतुल्ला सईद मुहम्मद सादिक अल सद्र की नज़फ में हत्या कर दी गई.

दिसंबर 1999 – सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 1284 के तहत संयुक्त राष्ट्र निगरानी, मूल्यांकन एवं जांच आयोग का गठन किया गया. इराक़ इस प्रस्ताव को खारिज करता है.

फरवरी 2001 – इराक़ के वायु सुरक्षा प्रणाली को नष्ट करने के लिए ब्रिटेन और अमरीका बमबारी शुरु करते हैं. इस बमबारी को बहुत कम अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिल पाता है.

हथियार निरीक्षकों की वापसी

सितंबर 2002 – अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा में इराक़ के ‘गंभीर और बढ़ते हुए खतरे’ का सामना करने के लिए कहा. इसी महीने ब्रिटिश प्रधानमंत्री टॉनी ब्लेयर ने इराक़ की सैन्य क्षमताओं पर ‘अनिश्चित नतीजे देने वाला’ एक डोजियर जारी किया.

नवंबर 2002 – संयुक्त राष्ट्र संघ के हथियार निरीक्षक सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के बाद इराक़ वापस लौटे. प्रस्ताव में शर्तों का उल्लंघन होने की सूरत में उसे गंभीर परिणम भुगतने की चेतावनी दी गई.

मार्च 2003 – मुख्य हथियार निरीक्षक हांस ब्लिक्स ने रिपोर्ट दी कि इराक़ उनके साथ सहयोग कर रहा है. लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इराक़ के दावे की जांच के लिए निरीक्षकों को और अधिक समय चाहिए.

सद्दाम सत्ता से बेदखल

मार्च 2003 – संयुक्त राष्ट्र संघ में ब्रिटेन के राजदूत ने कहा कि इराक के साथ चल रही कूटनयिक कोशिशें खत्म हो गई हैं. हथियार निरीक्षक लौट गए हैं. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने सद्दाम हुसैन और उनके बेटों को 48 घंटों के भीतर इराक़ न छोड़ने पर युद्ध का सामना करने की चेतावनी दी.

मार्च 2003 – अमरीका के नेतृत्व में हुए हमले में सद्दाम हुसैन की सरकार का पतन हो गया और इसके साथ ही सत्ता के लिए संघर्ष कर रहे अलग-अलग गुटों के बीच लड़ाई का दौर शुरू हो गया.

जुलाई 2003 – अमरीका की तरफ से नियुक्त किए गए गवर्निंग काउंसिल की पहली बार बैठक. अमरीकी सेना कमांडर ने कहा कि उनके सैनिकों को थोड़ी बहुत छापामार लड़ाई का सामना करना पड़ रहा है.

सद्दाम के बेटे उदै और कुसै मूसल में हुई लड़ाई में मारे गए.

इराक़ में घोर संघर्ष

अगस्त 2003 – बगदाद स्थित संयुक्त राष्ट्र के मु्ख्यालय में आत्मघाती हमलावरों ने बम लदे ट्रक से हमला किया. इसमें संयुक्त राष्ट्र संघ के दूत सर्जियो वीरा डी मेलो मारे गए. नजफ में हुए कार बम धमाके में शिया नेता अयोतल्ला मुहम्मद बक्र अल हाकिम समेत 125 लोग मारे गए.

14 दिसंबर 2003 – सद्दाम हुसैन को तिकरित में पकड़ लिया गया.

मार्च 2004 – शिया धार्मिक उत्सवों के दौरान करबला और बगदाद में आत्मघाती हमले में 140 लोग मारे गए.

अप्रैल-मई 2004 – कट्टरपंथी धार्मिक नेता मुक्तदा सद्र की वफादार शिया मिलिशिया ने गठबंधन सेना का मुकाबला किया. सुन्नी आबादी वाले फलूजा शहर में महीने भर तक चली अमरीकी सैन्य कार्रवाई में सैकड़ों लोग मारे गए. अमरीकी सैनिकों द्वारा इराक़ी कैदियों के उत्पीड़न के साक्ष्य वाली तस्वीरें सामने आई.

संप्रभुता और चुनाव

जून 2004 – इराक़ के प्रधानमंत्री इयाद अलावी की अंतरिम सरकार का गठन.

नवंबर 2004 - फलूजा में विद्रोहियों के खिलाफ अमरीका ने जोरदार सैनिक कार्रवाई शुरू की.

जनवरी 2005 – ट्रांजीशनल नेशनल एसेंबली के लिए हुए चुनाव में तकरीबन अस्सी लाख लोगों ने मतदान में भाग लिया.

अप्रैल 2005 – हिंसा के बीच संसद ने कुर्दिश नेता जलाल तालाबानी को इराक़ का राष्ट्रपति और शिया नेता इब्राहिम जाफरी को प्रधानमंत्री नामित किया.

जून 2005 – मसूद बरजानी को इराक़ी कुर्दिस्तान के क्षेत्रीय राष्ट्रपति के तौर पर शपथ दिलाई गई.

अगस्त 2005 – शिया और कुर्दिश वार्ताकारों ने संविधान के मसौदे को मंजूरी दी लेकिन सुन्नी समुदाय के प्रतिनिधियों ने इनकार किया.

अक्टूबर 2005 – मतदाताओं ने नए संविधान को अपनी सहमति दे दी. इस संविधान का उद्देश्य इस्लामी संघीय लोकतंत्र की स्थापना का था.

दिसंबर 2005 – अमरीकी हमलों के बाद इराक़ी पहली बार एक पूर्णकालिक सरकार और संसद के लिए वोट दिया.

नई सरकार का गठन

22 अप्रैल 2006 – महीनों के गतिरोध के बाद नवनिर्वाचित राष्ट्रपति तालाबानी समझैते के तहत चुने गए शिया उम्मीदवार नूरी अल मलिकी से सरकार बनाने के लिए कहा.

मई-जून 2006 – संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि इराक़ में जारी हिंसा में औसतन हर रोज 100 से ज्यादा आम नागरिक मारे जा रहे हैं.

नवंबर 2006 – इराक़ और सीरिया के कूटनयिक रिश्तों की तकरीबन 25 सालों बाद बहाली हुई.

सद्दाम की फांसी

दिसंबर 2006 सद्दाम हुसैन को मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए फांसी दे दी गई.

जनवरी 2007 – अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश इराक को लेकर नई रणनीति की घोषणा की. बगदाद में सुरक्षा इंतजामों में सुधार के लिए हजारों अमरीकी सैनिकों की तैनाती. संयुक्त राष्ट्र संघ ने इराक़ में जारी हिंसा से जुड़ी अपनी रिपोर्ट में कहा कि साल 2006 के दौरान 34 हज़ार से ज्यादा आम लोग मारे गए.

अगस्त 2007 – कुर्दिश और शिया नेताओं ने प्रधानमंत्री मलिकी की सरकार को समर्थन देने के लिए गठजोड़ कर लिया लेकिन वे सुन्नी नेताओं को अने साथ जोड़ने में नाकाम रहे.

दिसंबर 2007 – ब्रिटेन ने बसरा सूबे की सुरक्षा का प्रबंध इराकी सेनाओं को सौंपा. इसके साथ ही दक्षिणी इराक़ में पिछले पांच सालों से चले आ रहे ब्रिटिश नियंत्रण का आधिकारिक रूप से समाप्ति हो गई.

सुरक्षा व्यवस्था का हस्तांतरण

जनवरी 2008 – संसद ने सद्दाम हुसैन की बाथ पार्टी के पूर्व अधिकारियों को मुख्य धारा में वापसी की इजाजत दी.

मार्च 2008 – ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की इराक़ यात्रा.

सितंबर 2008 – अमरीकी सेनाओं ने अलकायदा का गढ़ कहे जाने वाले अनबार प्रांत का नियंत्रण इराकी सरकार को सौंप दिया. सुन्नी बहुल आबादी वाला यह पहला सूबा था जिसका नियंत्रण शियाओं के नेतृत्व वाली सरकार को सौंपा गया.

जनवरी 2009 – इराक ने बगदाद की सुरक्षा का जिम्मा लिया और प्रधानमंत्री नूरी-अल मालिकी ने इस कदम का स्वागत करते हुए इस दिन को इराक की संप्रभुता का दिन करार दिया.

मार्च 2009 – अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2011 के आखिर तक इराक से अपने सैनिकों की वापसी की घोषणा की.

चुनाव में बाथ पार्टी

जनवरी 2010 – संसदीय चुनाव में बाथ पार्टी के भाग लेने पर रोक लेकिन बाद में एक अदालत ने यह प्रतिबंध हटा लिया. सद्दाम हुसैन की सरकार में रसूखदार हैसियत रखने वाले केमिकल अली हसन अल माजिद को फांसी दे दी गई.

मार्च 2010 – संसदीय चुनाव. नई सरकार के गठन को मंजूरी.

सितंबर 2010 – सीरिया और इराक के कूटनयिक संबंधों की एक साल के विराम के बाद फिर से बहाली.

नवंबर 2010 – लंबे अंतराल के बाद संसद की बैठक. जलाल तालाबानी का राष्ट्रपति पद पर और बतौर प्रधानमंत्री नूरी अल मालिकी की दोबारा नियुक्ति.

फरवरी 2011 – विदेशी कंपनियों के साथ ठेकों को लेकर केंद्र सरकार और सूबे की सरकार के बीच चले लंबे विवाद के बाद इराक़ के कुर्दिस्तान इलाके से तेल का निर्यात फिर से शुरू.

अमरीकी सेना की वापसी

दिसंबर 2011 – इराक़ से अमरीकी सैनिकों की पूरी तरह से वापसी.

मार्च 2012 – इराक़ में जारी हिंसा के बीच बगदाद में अरब लीग की बैठक को लेकर कड़ी सुरक्षा.

नवंबर 2012 – इराकी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद रूस के साथ 227 अरब रुपए के हथियारों का ठेका रद्द. सद्दाम हुसैन की सरकार को हथियारों की आपूर्ति करने वाला रूस प्रमुख देश था.

दिसंबर 2012 – राष्ट्रपति तालिबानी की खराब तबियत पर सरकार ने कहा कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा है और वे कोमा में हैं.

फरवरी 2013 – इराक़ के किरकुक और ताजी शहरों में हुए दो हमलों में लगभग 35 लोग मारे गए.

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