इसराइल के दौरे पर ओबामा ने दिया दोस्ती का वास्ता

Image caption राष्ट्रपति ओबामा की ये पहली इसराइली यात्रा है. (तस्वीर गेटी)

इसराइल के अपने पहले दौरे पर गए राष्ट्रपति ओबामा ने कहा है कि अमरीका ही इसराइल का सबसे बड़ा दोस्त है.

राजधानी तेल अवीव में ओबामा ने इसराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू से कहा कि इसराइल का सबसे अच्छा दोस्त होने पर 'अमरीका को गर्व' है और 'पवित्र भूमि में शांति लौटनी चाहिए'.

गुरुवार को ओबामा वेस्ट बैंक के शहर रामल्ला जाएंगे जहां वो फलीस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाकात करेंगे.

ओबामा की बातचीत में इसराइल-फलीस्तीन शांति वार्ता, सीरिया और ईरान का परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दे शामिल रहने की उम्मीद है.

लेकिन अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि इसराइल और फलीस्तीन की शांति प्रक्रिया तुरंत दोबारा शुरु होने की उम्मीद अभी कम ही करनी चाहिए.

'अटूट दोस्ती'

एयरपोर्ट पर ओबामा का स्वागत इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और राष्ट्रपति सिमोन पेरेज़ ने किया.

ओबामा ने कहा, "हालांकि हमें शांति की राह पर दिक्कतों का आभास है, हम अपने उस लक्ष्य से कभी नज़र नहीं हटाएंगे जिसेमं इसराइल अपने पड़ोसियों के साथ शांति संबंध बना सके."

उन्होंने आगे कहा, "अमरीका इसराइल के साथ खड़ा है क्योंकि यही हमारी सुरक्षा के मूलभूत हितों में शामिल है. हमारी दोस्ती अनंत है और हमेशा के लिए है."

प्रधानमंत्री नेतान्याहू ने कहा, "हम अमरीका का शुक्रिया अदा करते हैं क्योंकि उसने किसी भी खतरे के खिलाफ अपनी रक्षा के लिए कदम उठाने के इसराइल के मूलभूत अधिकार का समर्थन किया है."

बाद में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इसराइल के राष्ट्रपति पेरेज़ से उनके घर पर मुलकात की.

ईरान पर एकमत

पेरेज़ ने कहा कि उन्हें ईरान के परमाणु हथियार बनाने के कार्यक्रम को रोकने की अमरीकी नीति पर भरोसा है.

Image caption ओबामा और नेतन्याहू के आपसी संबंध बहुत अच्छे नहीं रहे हैं. (तस्वीर एपी)

ओबामा ने कहा कि इस विषय पर इसराइल को अमरीका से अच्छा कोई समर्थक नहीं मिल सकता है.

बीबीसी के उत्तरी अमरीका संपादक मार्क मर्डेल के अनुसार इस बैठक का मूल उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों को मज़बूत करना है जिससे ओबामा इसराइल की नई सरकार के साथ ज्यादा लाभ उठा सके.

अमरीका में ओबामा की निंदा होती है कि राष्ट्रपति के तौर पर अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने इसराइल का दौरा नहीं किया.

वहीं इसराइल में एक सर्वेक्षण के मुताबिक सिर्फ 10 प्रतिशत लोग ओबामा को इसराइल का हितैषी मानते हैं.

ओबामा के इस दौरे के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं. उधर, इस दौरे का इसराइली और फलीस्तीनी संगठनों ने विरोध किया है.

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