चीन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फ़िल्मी बाज़ार

  • 22 मार्च 2013
चीन में एक फ़िल्म पोस्टर
Image caption चीन में तमाम तरह के पाबंदियों के बावजूद फिल्मों का बाज़ार बड़ा हो रहा है.

कई मामलों में चीन दुनिया का सबसे बड़ा बाज़ार तो पहले से ही है लेकिन अब इसी क्रम में चीन ने एक और बाज़ी मार ली है.

ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ जापान को पछाड़ कर फ़िल्म के क्षेत्र में चीन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार बन गया है.

हॉलीवुड फ़िल्म निर्माताओं के लिए अब चीन की अहमियत और बढ़ गई है क्योंकि वो उनका एक बहुत बड़ा बाज़ार है.

मोशन पिक्चर्स एसोशियेशन ऑफ़ अमरीका के अनुसार साल 2012 में चीन के बॉक्स ऑफ़िस ने दो अरब 70 करोड़ डॉलर का व्यापार किया जो कि पिछले साल की तुलना में 36 फ़ीसदी अधिक था.

चीन में हर साल अधिकतम 20 थ्री डी विदेशी फ़िल्में दिखाई जा सकती हैं लेकिन पिछले साल चीन ने 14 और अतिरिक्त थ्री डी विदेशी फ़िल्मों को चीन में दिखाए जाने की अनुमति दे दी.

चीन में विदेशी फ़िल्में की टिकट ब्रिक्री से जो आमदनी होती थी, विदेशी फ़िल्मी निर्माता उस आमदनी का केवल 13 फ़ीसदी ही ले सकते थे लेकिन अब चीन ने वो सीमा बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया है.

वीडियो पाइरेसी

फ़िल्मी दुनिया के जानकारों का कहना है कि चीन अगर बहुत सारी पाबंदियों को हटा दे तो और बॉक्स ऑफ़िस पर कमाई की संभावना और भी बढ़ जाएगी.

मोशन पिक्चर्स के चेयरमैन क्रिस डॉड का इस बारे में कहना था, ''चीन में रोज़ाना लगभग 10 नए फ़िल्म हॉल बन रहे हैं. वहां फ़िल्मों के लिए लोगों में बहुत रूचि है. हमारी फ़िल्में वहां लगातार अच्छा कर रही हैं.''

अमरीकी फ़िल्म उद्योग के लोग हमेशा से ये शिकायत करते रहें हैं कि चीन में विदेशी फ़िल्मों के दिखाए जाने पर ढेर सारे नियम-क़ानून के कारण वहां फ़िल्मों की पाइरेटेड या नक़्ली सीडी का बाज़ार बहुत बड़े पैमाने पर व्याप्त है जिससे की विदेशी और ख़ासकर अमरीकी फ़िल्म निर्माताओं का काफ़ी नुक़्सान होता है.

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