अफ्रीकी साहित्य के पितामह का निधन

Image caption साल 2007 में अचेबे को 'मैन बुकर' पुरस्कार मिला था.

नाइजीरिया के जाने माने लेखक चिनुआ अचेबे का निधन हो गया है. वो 82 साल के थे.

चिनुआ अचेबे को अफ्रीका के महान कथा-पुरुष के तौर पर जाना जाता था. वर्ष 1958 में उनके द्वारा लिखी पहली उपन्यास 'थिंग्स फॉल अपार्ट' बेहद लोकप्रिय हुई थी और अब तक उस किताब की एक करोड़ प्रति बिक चुकी है.

इस उपन्यास में अचेबे ने अफ्रीका में साम्राज्यवाद के असर के मुद्दे को उठाया था. इस उपन्यास का अनुवाद 50 से अधिक भाषाओं में किया गया है.

साहित्यकार और शिक्षाविद अचेबे ने 20 से अधिक कृतियों की रचना की है.

अचेबे की मौत पर उनके परिवार की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि 'अचेबे अपने समय के महान साहित्यकारों में एक थे'.

शोक

नाईजीरिया के राष्ट्रपति गुडलक जॉनसन ने भी अचेबे कि निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि देश को उनकी कमी खलेगी.

अंतरराष्ट्रीय पत्रिका फॉरेन पॉलिसी ने वर्ष 2012 में अपने 100 वैश्विक चिंतकों की सूची में अचेबे को 68 वें नंबर पर रखा था.

इससे पहले 2007 में चिनुआ अचेबे को प्रतिष्ठित 'मैन बुकर' अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार का विजेता घोषित किया गया था.

छह लाख पाउंड की ईनामी रकम वाला ये पुरस्कार ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है जिसने विश्व स्तर पर उपन्यास के क्षेत्र में उपलब्धियाँ हासिल की हों.

उस साल मैन बूकर अवार्ड की एक जज नदीन गॉर्डाइमर ने अचेबे को 'आधुनिक अफ्रीकी साहित्य का पिता' बताया था.

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