'मैं एक घंटे तक चिल्लाती रही कोई मदद को नहीं आया'

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Image caption इसी होटल की दोमंजिला से डेवीस ने छलांग लगाई थी

ताजमहल की नगरी आगरा में बलात्कार की आशंका से बचने के लिए होटल की बालकनी से छलांग लगाने वाली ब्रिटिश महिला का कहना है कि वो एक घंटे से भी अधिक समय तक मदद की गुहार लगाती रही लेकिन कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया.

लंदन की रहने वाली 31 साल की इस महिला ने बीबीसी से कहा कि दो लोग जबर्दस्ती उसके कमरे में घुसना चाहते थे जिनसे बचने के लिए उसने दरवाजे पर फ़र्नीचर लगा दिया था.

उन्होंने कहा, “मैंने अपनी चाबी ताले में लगा दी थी और मैंने महसूस किया कि वे इसे खोलने की कोशिश कर रहे हैं.”

ये वाकया होटल आगरा महल का है जिसके मैनेजर और गार्ड की यौन शोषण के आरोप में पिछले सप्ताह अदालत में पेशी हुई थी.

पेशे से दांत सफाई की विशेषज्ञ इस महिला ने बालकनी से छलांग लगा दी थी जिससे उनके पैरों में चोट लग गई थी, लेकिन उनका कहना है कि उनकी स्थिति और बदतर हो सकती थी.

ख़ौफनाक अनुभव

यौन शोषण की शर्मिंदगी के बाद अक्सर महिलाएं किसी से इसका ज़िक्र करने से कतराती हैं लेकिन ब्रिटेन की इस नागरिक के अनुसार वो अपने ख़ौफनाक अनुभवों को साझा करना चाहती थीं.

उन्होंने साथ ही होटल में रह रहे दूसरे लोगों की भी आलोचना की जो उनकी मदद के लिए आगे नहीं आए.

उनका अनुभव बेहद ख़ौफनाक है लेकिन भारत में ये कोई अनोखी बात नहीं है.

क्रिसमस से पहले दिल्ली में एक लड़की के साथ चलती बस में और हाल में स्विटजरलैंड की एक पर्यटक के साथ हुए सामूहिक बलात्कार से देश में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा गरमाया हुआ है. यही वजह है कि इस महिला के साथ जो कुछ हुआ वो देश-विदेश में सुर्खियों में रहा.

आपबीती

Image caption होटल मैनेजर सचिन चौहान ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इंकार किया है

उन्होंने कहा कि उनके बुरे समय की शुरुआत तड़के पौने चार बजे हुई जब किसी ने उनका दरवाजा खड़खड़ाया. महिला के मुताबिक जब उन्होंने दरवाजा खोला तो देखा कि सामने होटल का मैनेजर खड़ा है.

उन्होंने कहा, “उसने मुझसे कहा कि क्या मैं नहाना चाहती हूं. साथ ही उसने मुझे मालिश की भी पेशकश की और एक तेल भी दिखाया जो वो साथ लेकर आया था.”

मना करने के बावजूद जब मैनेजर वापस नहीं गया तो उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर दिया और दरवाजे पर फ़र्नीचर अड़ा दिए. इसके बाद वो मदद के लिए एक घंटे तक चिल्लाती रहीं और दरवाजा पीटती रहीं लेकिन कोई उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया.

उन्होंने कहा, “वो लोग किसी भी तरह मेरे कमरे में घुसना चाहते थे. मुझे 100 फीसदी यकीन है वो ऐसा करना चाहते थे. मेरे पास अब बचने का एक ही रास्ता था कि मैं दोमंजिला से कूद जाऊं.”

उसी होटल में ठहरे बेल्जियम के दो पर्यटकों ने एक भारतीय चैनल को बताया कि उन्होंने एक घंटे से भी अधिक समय तक दरवाजा पीटे जाने और चिल्लाने की आवाज़ें सुनी थी.

छलांग

वो छलांग लगाकर जमीन पर पहुंची तो उन्होंने किसी के चिल्लाने की आवाज़ सुनी लेकिन उन्होंने मुडकर नहीं देखा और अपनी चोट की परवाह किए बगैर भागने में ही भलाई समझी.

अभी उजाला नहीं हुआ था और कोई भी उनकी मदद के लिए तैयार नहीं था. एक रिक्शा चालक उन्हें पुलिस थाने ले गया, घंटों साथ रहा और उसने बोलचाल में भी मदद की.

उन्होंने कहा, “वो लाजवाब आदमी था. मैं उनका नाम नहीं जानती और ये भी नहीं जानती कि कैसे उनका शुक्रिया अदा करूं.”

इस घटना के बावजूद उन्होंने कहा कि वो फिर से भारत जाना चाहती हैं लेकिन उनका कहना है कि अब वो कभी भी अकेले यात्रा पर नहीं जाएंगी.

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