खुफिया जानकारी चुराने पर चीनी इंजीनियर को कैद

ड्रोन (फ़ाइल)
Image caption ल्यू सिशिंग पर मावरहित विमान से जुड़ी ख़बरे सप्लाई करने का भी आरोप था.

अमरीका की एक अदालत ने रक्षा व्यापार से जुड़ी गोपनीय सूचना चीन को ग़ैर क़ानूनी तौर पर भेजने के जुर्म में एक चीनी नागरिक को पांच साल जेल की सज़ा सुनाई है.

ल्यू सिशिंग पर अमरीकी मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन तकनीक से जुड़ी सूचनाएं चीन को भेजने का इल्ज़ाम है.

ल्यू पहले अमरीकी कंपनी एल-3 कम्यूनिकेशंन्स में काम करते थे. उन्होंने न्यू जर्सी में स्थित कंपनी में सीनियर इंजीनियर के तौर पर काम किया था.

उन्हें रक्षा संबंधी सूचनाएं बाहर भेजने, व्यापार की जानकारियां चुराने और अधिकारियों से झूठ बोलने का दोषी पाया गया.

ल्यू का कहना है कि उन्होंने किसी क़ानून का उलंघन नहीं किया है, और न ही उनका इरादा कोई गुप्त सूचना चीन को भेजने का था.

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हज़ारों फाइलों की चोरी

सरकारी वकीलों का कहना है कि उन्होंने साल 2010 में हज़ारों कंप्यूटर फ़ाइल्स चोरी की, और उन्हें अपने पर्सनल कंप्यूटर पर डालकर उन्हें चीन ले गए, जहां उन्होंने अपने काम-काज के संबंध में विश्वविद्यालयों और कांफ्रेंसो में ब्योरा प्रस्तुत किया.

वकीलों का कहना है कि इन संस्थाओं का तालुक्क़ चीन की सरकार से है.

उनका कहना है कि ल्यू ने ऐसा नौकरी पाने की लालच में किया.

अमरीकी जांच एजेंसी एफबीआई का कहना है कि उन्हें कंप्यूटर के बारे में जानकारी तब हुई जब ल्यू नवंबर 2010 में चीन की यात्रा से अमरीका वापस पहुंचे.

ल्यू के वकील का कहना था कि उन्होंने फाइलों को चीन ले जाकर बहुत बड़ी भूल की, लेकिन ये ऐसा मामला नहीं था जिसे अपराध की श्रेणी में नहीं गिना जा सकता है.

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