विमानों पर लेजर लाइट चमकाने पर जेल

लेजर लाइट
Image caption ये लाइट आंखों में डाली जाए तो कुछ देर के लिए दिखना बंद हो जाता है

अमरीका में 19 वर्ष के एक व्यक्ति को दो विमानों पर लेजर लाइट चमकाने के लिए ढाई साल की सजा हुई है.

मार्च 2012 में एडम गार्डेनहायर ने एक लेजर पेन से एक बिजनेस जेट पर हरी लाइट डाली थी. जब इस लाइट के स्रोत का पता लगाने के लिए पुलिस का एक हेलीकॉप्टर भेजा गया तो उन्होंने उस पर भी वहीं लाइट डाली.

इससे पहले भी अमरीका में विमान पर लेजर लाइट चमकाने के लिए एक व्यक्ति को सजा हो चुकी है.

अमरीका के संघीय कानून के मुताबिक फरवरी 2012 के बाद से विमान पर इस तरह लाइट चमकाना अपराध है.

गार्डेनहायर ने पिछले साल अक्टूबर में अपने आरोपों को कबूल लिया.

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बढ़ते लेजर हमले

व्यावसायिक तौर पर मिलने वाले इन लेजर पॉइंटर्स से छोटा सा प्रकाश पुंज निकलता है लेकिन दूरी बढ़ने के साथ साथ उसका व्यास बढ़ता जाता है. अगर इसे किसी की आंखों में लगाया जाए तो उससे कुछ देर के लिए कुछ दिखाई नहीं देता है.

अमरीका के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएए) का कहना है कि उच्च तीव्रता वाली ये रोशनी विमान के उड़ान भरते और उतरते समय पायलट को चकाचौंध कर सकती है.

इससे पहले अगस्त 2012 में फ्लोरिडा के ग्लेन स्टेफन हैंसन को विमान पर लेजर लाइट लगाने के लिए छह महीने की सजा हुई थी.

दुनिया के कई हिस्सों में विमानों पर इस तरह के लेजर पेन हमले बढ़ रहे हैं. बीते तीन वर्षों में विमान चालकों को लेजर से निशाना बनाए जाने के साढ़े चार हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं.

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