करगिल पर हमें गर्व होना चाहिए: मुशर्रफ़

Image caption परवेज़ मुशर्रफ ने कहा कि अब वो लौट गए हैं और जिनको उन्हें गिरफ्तार करना हो कर ले.

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने एक प्रेस वार्ता कर कहा है कि करगिल में भारत के ख़िलाफ़ लड़ाई पर पाकिस्तान को गर्व होना चाहिए.

बुधवार शाम उन्होंने कराची में कहा कि, "करगिल अभियान पाकिस्तानी फौच का सबसे सफल ऑपरेशन है."

करगिल युद्ध का समर्थन करते हुए मुशर्रफ ने कहा कि करगिल में पाकिस्तान ने भारत को गर्दन से पकड़ लिया था.

पाकिस्तान में 11 मई को आम चुनाव होने हैं. परवेज़ मुशर्रफ करीब पांच साल बाद पाकिस्तान लौटे हैं.

मुशर्रफ़ ने विश्वास जताया कि उनकी पार्टी चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेगी लेकिन ये नहीं कहा कि वो कितनी सीटें जीतेगी.

मुशर्रफ़ ने बताया कि वो खुद कराची की सीट से चुनाव लड़ेंगे.

'अमरीका का साथ पाकिस्तान के हित में'

अपनी पत्रकार वार्ता में उन्होंने 11 सितंबर के हमले, अमरीका के साथ रिश्ते समेत कई मुद्दों पर लंबी बातचीत की.

एक पत्रकार के सवाल - क्या आप चुनाव के बाद देश छोड़ देंगे? - पर उन्होंने कहा कि इसका फैसला वो चुनाव के नतीजों के बाद करेंगे.

मुत्ताहिदा-कौमी-मूवमेंट यानि एमक्यूएम पार्टी से रिश्तों के बारे में मुशर्रफ ने कहा कि इस पार्टी से उनके रिश्ते 1999 से हैं.

9/11 हमलों के बाद चरमपंथ के खिलाफ लड़ाई में अमरीका का साथ देने पर अपनी सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि उस समय अमरीका का साथ देना देश के हित में था.

पाकिस्तान के पूर्व न्यायाधीश इफ़्तिखार मोहम्मद चौधरी को बर्खास्त किए जाने और पाकिस्तानी न्याय व्यवस्था से मतभेदों के बारे में ज़िक्र करते हुए मुशर्रफ ने कहा कि तत्कालीन सरकार ने किसी जज को नज़रबंद नहीं किया था.

इस्लामाबाद स्थित लाल मस्जिद पर सैन्य कार्रवाई की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि वहां चरमपंथी मस्जिद पर कब्ज़ा करके महिलाओं और बच्चों को बंधक बनाए हुए थे.

मुशर्रफ़ ने इस्लामी इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि, "लाल मस्जिद पर ये कार्रवाई करना ज़रूरी था, उस पूरे हमले में केवल 94 लोग मारे गए थे जो चरमपंथी थे."

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