सेक्स-स्कैंडल, जिसने गिरा दी सरकार

  • 29 मार्च 2013
Image caption कीलर और मैंडी की बड़े लोगों से दोस्ती ने हंगामा खड़ा कर दिया

आज से 50 वर्ष पहले एक सेक्स-स्कैंडल ने ब्रिटेन की सरकार को हिला दिया था. तत्कालीन ब्रितानी युद्धमंत्री जॉन प्रॉफ्युमो के साथ क्रिस्टीन कीलर नाम की एक लड़की के अवैध संबंधों ने सरकार की चूलें हिला दीं. क्रिस्टीन ‘एक हाइ सोसायटी गर्ल’ थी, जिसके एक रूसी जासूस के साथ भी कथित संबंध थे.

संघर्षशील मॉडल और अभिनेत्री मैंडी राइस डेविस भी इस मामले में क्रिस्टीन के साथ लिप्त थीं. मैंडी बताती हैं कि वे दोनों नाइटक्लब में एक साथ काम करती थीं. वह बताती है कि किस तरह उसे प्रॉफ्युमों के साथ क्रिस्टीन के संबंधों का पता चला. उन्हें एक बार क्रिस्टीन ने चिड़ियाघर की सैर करने को बुलाया.

मैंडी के अनुसार उसी समय क्रिस्टीन ने मैंडी को अपने किसी संबंध में होने की बात बताई. मैंडी को उन्होंने अपने प्रेमी का नाम जॉन प्रॉफ्यूमो बताया था. हालांकि, मैंडी उस समय ये नहीं जानती थी कि प्रॉफ्यूमो ब्रिटेन के तत्कालीन युद्धमंत्री थे.

बड़े लोगों से संबंध

Image caption जॉन प्रॉफ्युमो, ब्रिटेन के तत्कालीन युद्धमंत्री

क्रिस्टीन और मैंडी डेविस नाइटक्लब में काम करती थी. उस समय क्रिस्टीन 19 की और मैंडी 16 की थी. दोनों बला की ख़ूबसूरत थीं. ज़ाहिर है, समाज के बड़े लोगों से संपर्क बनाने में उन्हें बहुत दिक्क़त नहीं हुई.

दोनों की मुलाक़ात उस समय के जाने माने डॉक्टर स्टीवन वॉर्ड से हुई, जिनकी पहुंच बड़ी ऊंची थी. मैंडी राइस डेविस कहती हैं, “स्टीवन ख़ुद भी बहुत हैंडसम थे. उनकी बड़े-बड़े लोगों से जान-पहचान थी. उनके मित्रों में लिज़ टेलर, सोफिया लॉरेन वग़ैरह शामिल थे. इंग्लैंड के संभ्रांत तबक़े के आधे से अधिक लोग उनके दोस्त थे.”

स्टीवन की आदत थी कि वह अपने मित्रों को दूसरों से मिलवाता रहते थे. ख़ासकर, अपनी कमसिन लड़की दोस्तों को बुजुर्ग, ताक़तवर दोस्तों से मिलवाना उन्हें बेहद पसंद था.

बकिंगघमशायर के क्लीवडन में रहनेवाले लॉर्ड एस्टर भी वॉर्ड के दोस्तों में थे. वह अक्सर अपने फ़ार्महाउस पर बड़ी-बड़ी पार्टियां करते थे. इन दोनों के अलावा और भी कई लड़कियां इन पार्टियों में शामिल होती थीं. क्लीवडन में ही बीसवीं सदी के सबसे बदनाम सेक्स-स्डैंकल में से एक की शुरुआत हुई.

यहीं 1961 में एक पार्टी के दौरान क्रिस्टीन और प्रॉफ्युमो की मुलाक़ात हुई.

इसी दौरान मेंडी और क्रिस्टीन, स्टीवन के दूसरे दोस्तों से भी मिल रही थीं. रूसी दूतावास के एक कर्मचारी यू जेन आइवनहॉफ के साथ भी उनकी दोस्ती परवान चढ़ रही थी. यू जेन काफ़ी प्रभावशाली दिखते थे. वह बातों के जादूगर थे. वह साम्यवाद से लेकर किसी भी मुद्दे पर बातचीत करने में सक्षम थे.

मैंडी बताती हैं कि वह कई बार यू जेन से पूछती थीं कि वह जासूस तो नहीं है? यू जेन हंसकर जवाब देते थे कि रूसी दूतावास में सभी जासूस हैं. यू जेन और क्रिस्टीन के बीच भी एक बार संबंध बने. एक बार पार्टी के लिए क्लीवडन गए. वापसी में यू जेन ने उन्हें अपनी गाड़ी में लिफ्ट दी.

घर पर स्टीवन नहीं थे. यू जेन आइवनहॉफ का वह वन नाइट स्टैंड था. बाद में प्रॉफ्यूमर से भी उनके संबंध ख़त्म हो गए.

मंत्री ने बोला झूठ

18 महीनों बाद क्रिस्टीन कीलर दूसरी ग़लत वजहों से सुर्खी में आई. क्रिस्टीन का पुराना ब्वॉयफ्रेंड उन्हें खोजने उनके घर आया, लेकिन मैंडी के मना करने पर उन्होंने गोली चला दी. उसके बाद पुलिस बुलाई गई. जिसके साथ मीडियावाले भी आए और उसके बाद स्कैंडल की चर्चा ज़ोर पकड़ने लगी.

क्रिस्टीन के पूर्व ब्वॉयफ्रेंड उनकी ही हत्या की कोशिश में जेल में बंद थे. जब उनके ट्रायल के दौरान क्रिस्टीन अदालत में नहीं पहुंची, तो प्रेस में यह मामला तूल पकड़ने लगा.

बवाल इतना अधिक बढ़ा कि जॉन प्रॉफ्युमो को हाउस ऑफ़ कॉमंस यानी लंदन के निचले सदन में सफ़ाई देनी पड़ी. उन्होंने क्रिस्टीन से एक बार की सामाजिक मुलाक़ात को छोड़कर किसी भी तरह के संबंधों से इनकार कर दिया.

मीडिया वाले मैंडी के पास भी प्रॉफ्युमो और कीलर के संबंधों की सच्चाई पता करने पहुंच गए. दबाव इतना अधिक बढ़ा कि तीन महीने बाद प्रॉफ्युमो को इस्तीफ़ा देना पड़ा. इस्तीफ़े के तीन दिनों के बाद स्टीवन वॉर्ड को भी गिरफ्तार कर लिया गया. उन पर अनैतिक धंधे करने का आरोप लगाया गया था.

हालांकि, मैंडी कहती हैं कि स्टीवन वॉर्ड की गिरफ्तारी के पीछे उनकी जीवनशैली अधिक ज़िम्मेदार थी, जिसने सत्ता प्रतिष्ठान को हिला दिया. स्टीवन वॉर्ड और उनकी महिला मित्रों की गवाही ने ख़ासा बड़ा स्कैंडल खड़ा कर दिया. लोग इनकी झलक पाने के लिए कोर्ट के बाहर भीड़ लगाए रहते थे. क्रिस्टीन कीलर के साथ ही मैंडी डाइस भी ख़ूब मशहूर हुईं.

अदालत में गवाही के दौरान काफ़ी हंगामा मचा था. हालांकि, इस पूरी कहानी का अंत बहुत दुखद हुआ. स्टीवन वॉर्ड इस हंगामे को सह नहीं सके और आख़िर उन्होंने आत्महत्या कर ली. दो महीनों के भीतर जांच एजेंसियों ने प्रॉफ्युमो को यह कहते हुए क्लिन चिट दे दी कि उनसे राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरा नहीं पहुंचा था. लेकिन बढ़ते दबाव के बीच प्रधानमंत्री हैरॉल्ड मैक्मिलन ने इस्तीफ़ा दे दिया.

जॉन प्रॉफ्युमो ने इसके बाद अपनी बाक़ी ज़िंदगी एक चैरिटी संस्था के लिए काम करते हुए बिताया. और क्रिस्टीन कीलर ने प्रेम संबंधों पर कई किताबें लिखीं.

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