ईस्टर: पोप ने की विश्व शांति की कामना

वेटिकन के पोप फ्रांसिस ने ईस्टर के मौके पर रोम के सेंट पीटर्स स्क्वेयर पर आयोजित सार्वजनिक प्रार्थना सभा में हज़ारों लोगों को संबोधित किया है.

दो हफ्ते पहले रोमन कैथोलिक चर्च के प्रमुख चुने गए पोप फ्रांसिस ने अपने संबोधन में कई विषयों को शामिल किया. पोप फ्रांसिस ने इसराइल और फलस्तीन और इराक-सीरिया के मुद्दे का जिक्र करते हुए मध्य-पूर्व में शांति की अपील की.

उन्होंने अपने भाषण में माली, नाइजीरिया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में हो रहे संघर्ष का भी जिक्र किया.

पोप फ्रांसिस ने कोरियाई प्रायद्वीप में भी सौहार्द की कामना करते हुए कहा, “मैं कामना करता हूं कि एशिया में, खासकर कोरियाई प्रायद्वीप पर शांति बनी रहे और सौहार्द की एक नई ऊर्जा पैदा हो.”

पोप ने अपने इस संबोधन में मानव तस्करी का जिक्र करते हुए कहा कि मानव तस्करी 21वीं सदी में गुलामी का सबसे गंभीर रूप है.

ईसाइयों के लिए ईस्टर एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है. ईस्टर के मौक़े पर हुई प्रार्थना सभा में पोप ने धार्मिक आस्था न रखने वाले लोगों और भ्रष्ट कैथोलिकों से अपील करते हुए ईश्वर के प्रति आस्था बढ़ाने के लिए कहा.

पोप फ्रांसिस ने कहा, “महान यीशु को अपने जीवन में प्रवेश करने दें, भरोसे के साथ उनका स्वागत एक दोस्त के तौर पर करें ! अगर अब तक आपने उनसे एक दूरी बना रखी है तो आप उनकी ओर क़दम बढ़ाइए.” उन्होंने कहा, “वह खुली बांहों से आपका स्वागत करेंगे.”

ईस्टर संडे के जश्न की शुरुआत में बैसेलिका को अंधेरे में रखा गया ताकि ईसाइयों की मान्यता के मुताबिक़ यीशु के पुनर्जीवन से पहले प्रतीक के तौर पर यीशु के क़ब्र को दर्शाया जा सके.

पोप और उनकी मंडली ने मोमबत्ती जलाई. इस बार आयोजन उतना भव्य नहीं था. वेटिकन के मुताबिक़ यह आयोजन पोप फ्रांसिस के निर्देशों के अनुसार कम लोगों के लिए ही किया गया था.

नए बदलाव

बीबीसी डेविड विली रोम से अपनी रिपोर्ट में लिखते हैं कि 76 साल के पोप ने वेटकिन में नए बदलाव का संकेत देना शुरू कर दिया है मसलन धार्मिक सेवाओं में कमी करने के साथ ही आम जनता तक आसानी से पहुंच बनाने की कोशिश की जा रही है.

पोप अपने विचारों को बातचीत की शैली में व्यक्त करते हैं ताकि लोगों को उनकी बात आसानी से समझ में आ जाए. उन्होंने कई वेटिकन के कई धार्मिक नेताओं को अपनी कार्यशैली से हैरान कर दिया है.

वह दूसरे पादरियों के साथ सामान्य डाइनिंग रूम में खाना भी खा लेते हैं. भव्य अपार्टमेंट में रहने के बजाए पोप फ्रांसिस वेटिकन गेस्ट हाउस में रह रहे हैं जहां वह सुबह में सामान्य लोगों को आमंत्रित करते हैं.

ईस्टर से पहले पोप ने महिलाओं और मुसलमानों से मुलाक़ात की. पोप फ्रांसिस ने 'पवित्र गुरूवार' के मौके़ पर रोम में एक जेल में कुछ क़ैदियों के पैर धोए.

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