'पहले अमीरों पर टैक्स लगाए पाकिस्तान'

पाकिस्तान स्कूल
Image caption ब्रिटेन पाकिस्तान को शिक्षा के क्षेत्र में भी वित्तीय मदद करता है

ब्रिटेन में सांसदों के एक ग्रुप ने ब्रितानी सरकार से कहा है कि वो पाकिस्तान को दी जाने वाली अतिरिक्त वित्तीय सहायता पर उस समय तक रोक लगा दे, जब तक पाकिस्तान अपने संभ्रांत नागरिकों से टैक्स वसूलने के लिए और क़दम न उठाए.

ब्रितानी सांसदों की अंतरराष्ट्रीय विकास समिति ने कहा है कि ब्रितानी टैक्स देने वालों को पाकिस्तान में स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए पैसा नहीं देना चाहिए क्योंकि धनी पाकिस्तानी काफ़ी कम टैक्स देते हैं.

सांसदों ने मंत्रियों से ये अपील भी की कि वे ये सुनिश्चित करें कि ब्रिटेन की ओर से दी जाने वाली वित्तीय सहायता भ्रष्टाचार निरोधक कोशिशों पर केंद्रित रहे.

ब्रिटेन की सरकार पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता दोगुनी करने की योजना बना रही है.

इस राशि को वर्ष 2012-13 के क़रीब 26 करोड़ 70 लाख पाउंड से बढ़ाकर 2014-15 तक 44 करोड़ 60 लाख पाउंड करने की योजना है. अगर ऐसा हुआ तो पाकिस्तान ब्रिटेन की ओर से सर्वाधिक सहायता राशि पाने वाले देश बन जाएगा.

ठोस वजह

ब्रितानी सांसदों की समिति ने ये स्वीकार किया कि पाकिस्तान को सहायता बरकरार रखने के लिए ठोस वजह है.

लेकिन सांसदों ने कहा कि वे इसका समर्थन नहीं करते कि ब्रितानी करदाताओं का पैसा पाकिस्तान दिया जाए और पाकिस्तान की नई सरकार टैक्स सुधारों को लेकर प्रतिबद्ध न हो.

सांसदों की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान में सिर्फ़ 0.57 प्रतिशत यानी सात लाख 68 हज़ार लोगों ने ही पिछले साल टैक्स दिया.

समिति ने अंतरराष्ट्रीय विकास विभाग ने पाकिस्तान में भ्रष्टाचार, क़ानून का शासन और कम टैक्स इकट्ठा होने जैसे मुद्दों को अपने काम के एजेंडे में शीर्ष पर नहीं रखा.

इस समिति के चेयरमैन लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के सर मैल्कम ब्रुस ने कहा, "समिति इस बात को लेकर चिंतित है कि पाकिस्तान में पर्याप्त स्तर पर टैक्स की उगाही नहीं हो पा रही है, जिसे ग़रीब लोगों का जीवन सुधारने की दिशा में लगाया जा सके."

उन्होंने कहा कि वे लोग इसकी उम्मीद नहीं कर सकते कि ब्रिटेन के करदाता पाकिस्तान में शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार के लिए पैसा दें, जबकि पाकिस्तान का संभ्रांत वर्ग कम ही टैक्स देता है.

इन सांसदों ने ये सिफ़ारिश की कि पाकिस्तान का महत्वपूर्ण दोस्त होने के नाते ब्रिटेन को हरसंभव कोशिश करनी चाहिए ताकि पाकिस्तान में प्रभावी कर उगाही को प्रोत्साहित किया जा सके.

समिति ने पाकिस्तान में भ्रष्टाचार पर चिंता जताई. सर मैल्कम ब्रुस ने कहा कि पाकिस्तान में शीर्ष स्तर से सुधार शुरू होना चाहिए.

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