उत्तर कोरिया के मिसाइल लोड, दक्षिण ने भेजे युद्ध पोत

Image caption उत्तर कोरिया के आक्रामक रुख के बाद दक्षिण कोरिया बेहद सचेत हो गया है

दक्षिण कोरिया से आ रही खबरों के मुताबिक उत्तर कोरिया ने दो मध्य-स्तर की मिसाइलें मोबाइल लॉन्चर पर लोड कर दी हैं.

दोनों मुल्कों के बीच जारी तनाव के बीच आ रही इन खबरों से क्षेत्र में युद्ध-भय का माहौल पैदा हो गया है.

स्थानीय यॉनहैप न्यूज़ एजेंसी ने एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा कि ये मिसाइलें ट्रेन के ज़रिए देश के पूर्वी तट तक पहुंचाई गई, जहां उन्हें लॉन्च साइट पर डाला गया.

हालांकि रक्षा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि नहीं की है.

इससे पहले ऐसे समाचार थे कि दक्षिण कोरिया ने मिसाइल-रक्षक प्रणाली से लैस दो जंगी जहाज़ों को उन इलाकों को रवाना किया है जहां उत्तर कोरिया ने एक दिन पहले अपने एक मिसाइल को भेजने की बात कही थी.

फ़ौज के अधिकारियों ने दक्षिण कोरिया की मीडिया को बताया कि ये दोनों युद्ध पोत पूर्वी और पश्चिमी तट पर तैनात किए जाएंगे.

हालांकि पहले अमरीका के क़रीबी सहयोगी मुल्क दक्षिण कोरिया ने पड़ोसी देश की मिसाइल से जुड़ी ख़बर को उतनी अहमियत नहीं देने की बात कही थी.

अमरीका पर निशाना?

इससे पहले दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री ने कहा था कि उत्तर कोरिया ने अपने 'काफ़ी दूरी तक मार कर सकने वाले' एक मिसाइल को अपने पूर्वी तट की ओर स्थानांतरित कर दिया है.

पयोंगयैंग ने पहले अमरीका के खिलाफ़ परमाणु हमले के धमकी को दोहराया था.

इस बीच रूस ने कहा है कि उत्तर कोरिया जिस तरह से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के फैसलों की अवहेलना कर रहा है उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है.

रूस का कहना है कि इसकी वजह से पहले हुई छह-पक्षीय बातचीत फिर से शुरू होने में रुकावटें पैदा हो जाएंगी.

उत्तर और दक्षिण कोरिया, अमरीका, रूस, चीन और जापान इस बातचीत में साल 2008 में शामिल हुए थे.

हमले की आकांक्षा

Image caption उत्तर कोरिया ने इस साल फरवरी में तीसरा परमाणु परीक्षण किया था.

उत्तर कोरिया ने अपनी सेना को अमरीका पर परमाणु हमला करने की अनुमति देने की बात कही है.

देश की सेना की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि 'अमरीका की आक्रामक नीति और परमाणु खतरे को सख़्ती से कुचला जाएगा' और इस बारे में 'निर्मम अभियान की इजाज़त दे दी गई है.'

बयान में तो यहाँ तक कहा गया है कि कोरियाई प्रायद्वीप में 'आज या कल' में ही युद्ध शुरू हो सकता है.

उधर अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता कैटलिन हेडन ने कहा कि उत्तर कोरिया का बयान हालात सुधारने में किसी तरह की मदद नहीं करता. उन्होंने उसे भड़काऊ बयान बताया.

वहीं दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में मौजूद बीबीसी संवाददाता डेमियन ग्रैमेटिकस के मुताबिक़ कुछ प्रेक्षक इस बात पर विश्वास करते हैं कि उत्तर कोरिया के पास ऐसे रॉकेट या हथियार हैं जिनसे वह अमरीका को निशाना बना सकते हैं.

उत्तर कोरिया ने अपने मिसाइल प्रणाली को हमले के लिए तैयार रहने को कहा है.

प्रशांत महासागर स्थित गुआम द्वीप पर अमरीका की ओर से अत्याधुनिक मिसाल रक्षा प्रणाली को तैनात करने की घोषणा के बाद उत्तर कोरिया ने यह धमकी दी है.

युद्ध जैसे हालात

अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने कहा था कि उत्तर कोरिया से निपटने के लिए आने वाले हफ्तों में वह बैलिस्टिक टर्मिनल हाई अल्टीट्यूड एरिया डिफेंस सिस्टम (थाड) को गुआम पर तैनात करेगा.

इस साल फरवरी में उत्तर कोरिया ने अपना तीसरा परमाणु परीक्षण किया था. इसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने उसके खिलाफ प्रतिबंध लगा दिए थे.

अमरीका और दक्षिण कोरिया के साझा सैन्य अभ्यास ने उत्तर कोरिया की नाराजगी को और बढ़ा दिया है.

हाल में उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया और अमरीका पर हमले की धमकी दी थी.

उत्तर कोरिया ने बुधवार को अपनी सीमा पर चौकी से दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त रूप से चलाए जा रहे केसांग औद्योगिक क्षेत्र में दक्षिण कोरियाई मजदूरों को प्रवेश करने से रोक दिया था.

अमरीकी कार्रवाई

इन हालात को देखते हुए पेंटागन ने एक बयान में कहा कि उत्तर कोरिया की तरफ से क्षेत्रीय बैलिस्टिक मिसाइल संबंधी धमकियों को देखते हुए एहतियात के तौर पर मिसाइल रक्षा प्रणाली को गुआम भेजा रहा है.

बयान के अनुसार, “उत्तर कोरिया के भड़काऊ बयानों को देखते हुए अमरीका पूरी तरह चौकन्ना है और अपने क्षेत्र, अपने सहयोगियों और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के लिए तैयार है.”

हालिया हफ्तों में उत्तर कोरिया अपनी धमकियों में अमरीकी क्षेत्र गुआम में स्थित सैन्य ठिकानों और अमरीकी राज्य हवाई को निशाना बनाने की बात कहता रहा है.

अमरीकी रक्षा मंत्री चक हेगेल ने बुधवार को अपने एक अहम भाषण में कहा, “पिछले कुछ हफ्तों में उनकी तरफ से जो कदम उठाए गए हैं, वो वास्तविक और स्पष्ट खतरे को दर्शाते हैं.”

उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया के कारण दक्षिण कोरिया और जापान के हितों के लिए भी खतरा पैदा हुआ है.

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