मिस्र: अंतिम संस्कार के बाद भड़की हिंसा

झड़प
Image caption मिस्र में मुस्लिम और इसाईयों के बीच झड़प होती रहती है

काहिरा के मुख्य कैथडरल या गिरजाघर के बाहर हुए संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हो गई है. गुरुवार को हुई धार्मिक हिंसा में मारे गए चार कॉपटिक इसाईयों के अतिम संस्कार के बाद ये घटना हुई है.

दरअसल सेंट मार्क कैथडरल में शोक मनाने के बाद ये लोग वहां स्थानीय लोगों के साथ भिड़ गए जिसमें एक ईसाई व्यक्ति की मौत हो गई.

हिंसा पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया. स्थानीय समाचार एजेंसी के अनुसार इस घटना में 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं.

इन कॉपटिक इसाईयों के लिए शोक मनाने आए लोगों ने पहले चर्च में मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी के खिलाफ नारे लगाए थे.

प्रत्यक्षदर्शियों ने स्थानीय टीवी चैनलों को जानकारी दी कि हिंसा उस समय भड़की जब एक भीड़ ने शोक मनाने वालों पर हमला बोल दिया. इस भीड़ ने इन लोगों को चर्च से बाहर निकलते समय पत्थरों और पेट्रोल बमों से हमला किया.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि इन इसाई लोगों ने भी इस हमले का जवाब पत्थर फेंक कर दिया. दोनों के बीच ये झड़प पुलिस के आने तक चलती रही.

शांति की अपील

मिस्र की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार चर्च के आस-पास की सड़को पर इसाईयों और अज्ञात लोगों के बीच ऐसी झड़पें होती रहती है.

एजेंसी के मुताबिक राष्ट्रपति मोर्सी ने कॉपटिक ईसाई चर्च के प्रमुख तवार्दोस द्वितीय को फोन कर इस हिंसा की निंदा की है.

रिपोर्टों में उनके हवाले से कहा गया है, ''कैथडरल पर किया गया हमला मुझ पर किए गए हमले के समान है.''

कॉपटिक ईसाई चर्च के प्रमुख ने भी तवार्दोस ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

मुस्लिम ब्रदरहुड की राजनीतिक इकाई 'द फ्रीडम एंड जस्टिस पार्टी' ने अपने फ़ेसबुक पन्ने पर इस हिंसा की निंदा का संदेश पोस्ट किया है.

मिस्र में कॉपटिक इसाई आबादी का दस फीसदी हिस्सा हैं. ये लोग साल 2011 में होस्नी मुबारक के सत्ता से हटाए जाने के बाद से अपनी सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते रहे हैं.

वैसे मिस्र में मुस्लिम और इसाईयों के बीच कई बार झड़पें हो चुकी हैं लेकिन इस सप्ताहंत में हुई हिंसा को पिछले कई महीनों में हुई हिंसा से बदतर बताया गया है.

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